ट्रैजिक हनीमून: शिलांग घाटी में 11 दिन बाद मिला दूल्हे का शव, दुल्हन अब भी गायब

इंदौर. शहर के जिस नवविवाहित युवक ने कुछ दिन पहले ही पत्नी संग सात फेरे लिए थे, वह अब बेजान होकर लौट रहा है,जबकि उसकी पत्नी का अब तक कोई सुराग नहीं है. दोनों हनीमून पर शिलांग गए थे और 23 मई को अचानक रहस्यमय ढंग से लापता हो गए थे.

सोमवार दोपहर शिलांग की घाटी में खाई के भीतर झाडिय़ों के बीच युवक का शव मिला. शव इस कदर सड़ चुका था कि पहचान मुश्किल थी, लेकिन हाथ पर गुदे नाम और कपड़ों से पुष्टि हुई कि यह वही युवक राजा है, जिसकी तलाश बीते 11 दिनों से हो रही थी. यह शव उस जगह से करीब 25 किलोमीटर दूर मिला, जहां दंपति का स्कूटर और बैग बरामद हुए थे.

बीते दस दिन से दंपति के कोई संकेत नहीं मिले थे. कुछ दिन पहले स्कूटर और बैग मिलने के बाद उम्मीद जगी थी कि शायद दोनों आसपास हों, लेकिन सोमवार को शव मिलने से पूरा घटनाक्रम भयावह हो गया. पुलिस और परिजन दोनों मौके पर पहुंचे. शव की हालत काफी खराब थी, लेकिन राजा के भाई विपिन ने हाथ पर गुदे नाम और पहने कपड़ों के आधार पर पहचान कर ली. इसके बाद क्षेत्र को फिर से खंगाला जा रहा है ताकि सोनम का कोई सुराग मिल सके. अब तक उसका कोई पता नहीं है. पुलिस इस मामले को सिर्फ हादसा मानने को तैयार नहीं है. यह भी जांच की जा रही है कि कहीं यह किसी साजिश या वारदात का हिस्सा तो नहीं. शव इतनी बुरी हालत में है कि यह तक तय नहीं किया जा सका कि मौत कैसे हुई. अब पोस्टमार्टम के बाद ही साफ हो पाएगा कि राजा किसी हादसे का शिकार हुआ या किसी साजिश का.

फिलहाल, सोनम की तलाश फिर से उसी इलाके में तेज कर दी गई है. राजा की मौत और सोनम की गुमशुदगी ने न केवल उनके परिजनों को गहरे सदमे में डाला है, बल्कि शिलांग जैसे पर्यटन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. 11 दिन की तलाश के बाद सिर्फ एक शव मिलना और वह भी 25 किलोमीटर दूर ये संकेत सामान्य नहीं हैं. पुलिस अब हर एंगल से इस रहस्य की तह तक जाने की कोशिश कर रही है.

क्या है मामला

ज्ञात हो कि राजा की शादी इसी महीने सोनम से हुई थी. 20 मई को दोनों गुवाहाटी पहुंचे और कामाख्या देवी के दर्शन किए. वहां से 23 मई को वे शिलांग के ओसरा हिल्स घूमने निकले थे, लेकिन दोपहर बाद से दोनों के फोन अचानक बंद हो गए. 48 घंटे तक कोई संपर्क न होने पर परिजन चिंतित हुए और शिलांग पहुंचे. वहां की पुलिस को जानकारी दी गई और रेस्क्यू शुरू हुआ. हालांकि पहाड़ी इलाका, घना कोहरा और लगातार बारिश ने तलाश को बेहद मुश्किल बना दिया. टीमों को सर्च ऑपरेशन में ड्रोन और डॉग स्क्वॉड तक उतारने पड़े थे.

अधूरी रह गई एक नई शुरुआत

शादी को अभी कुछ ही दिन हुए थे, दोनों घूमने निकले थे, लौटकर नया जीवन शुरू करना था. लेकिन अब घर में खुशी की जगह मातम पसरा है.

जो सपनों की शुरुआत थी, वह अब एक दुखद कहानी बन चुकी है, परिवार जनों ने जिस बेटे को हंसते-खेलते विदा किया था, अब उसे पहचानने शवगृह पहुंचे. हर बीतते दिन के साथ उम्मीद कम होती जा रही है, लेकिन सवाल अब भी वहीं खड़ा है, जो साथ गई थी, वह कहां है?

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