
बैतूल। आमला ब्लॉक के दो गांवों, कलमेश्वरा और जामुन बिछुआ में दो बच्चों की मौत के मामले ने स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है। हालांकि, जांच में अब तक कफ सिरप से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी ने बताया कि जिन दो बच्चों की मौत की सूचना मिली है, उनका इलाज बैतूल जिले में नहीं हुआ था। एक बच्चे की मौत करीब एक सप्ताह पहले हुई थी, जबकि दूसरे की मौत एक महीने पहले हुई थी। दोनों मामलों में परिजनों ने न तो स्थानीय प्रशासन को, न ही पुलिस या स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी दी थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने जिलेभर की सभी दवा दुकानों पर औचक निरीक्षण करवाया। जांच में कोई भी प्रतिबंधित कफ सिरप नहीं पाया गया। साथ ही, जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना डॉक्टर की पर्ची के दवा बेचने पर संबंधित दुकानदार के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा।
फिलहाल, बच्चों की मौत का कारण स्पष्ट नहीं है और प्रशासन इस मामले में सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।
जिन बच्चों की मृत्यु की सूचना मिली है, उनका इलाज जिले में नहीं हुआ था और न ही इसकी जानकारी प्रशासन को समय पर दी गई। हमने पूरे जिले में दवा दुकानों की जांच करवाई है, कहीं भी प्रतिबंधित कफ सिरप नहीं मिला है।
नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी, कलेक्टर, बैतूल
