खरगे ने चुनाव प्रचार में सैन्य अभियानों का इस्तेमाल करने के लिए मोदी की आलोचना की

बेंगलुरु 01 जून (वार्ता) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर सैन्य अभियानों का बार-बार राजनीतिकरण करने और चुनाव प्रचार के दौरान खुद को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया।

श्री खरगे ने यहां संवाददाताओं से बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री के हालिया भाषणों पर सीधे निशाना साधा, जिसमें सीमा पार सैन्य कार्रवाई का जिक्र किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह की बयानबाजी से सेना के काम को चुनावी लामबंदी के लिए उपकरण में बदलने का जोखिम है। उन्होंने कहा “मैं बिना किसी राजनीतिक पूर्वाग्रह के यह कह रहा हूं – सभी को एक साथ आना चाहिए और उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो हमारे सैनिकों को धमका रहे हैं या डरा रहे हैं। लेकिन इसके बजाय हम सुनते रहते हैं – ‘मैंने यह किया, मैंने वह हासिल किया, मैं अकेले यह कर सकता हूं।’ इस तरह के आत्म-प्रशंसा वाले बयान जारी करना, खासकर सशस्त्र बलों के बारे में उचित नहीं है।”

उन्होंने जोर दिया कि देश की सुरक्षा का श्रेय भारतीय सेना के बलिदान और पेशेवराना अंदाज को जाता है, किसी एक नेता को नहीं। उन्होंने कहा, “आज पूरा देश हमारी सेना की वजह से खड़ा है। सेना जो भी करती है, वह देश के लिए करती है और हम सभी उनका समर्थन करते हैं।” प्रधानमंत्री के पिछले बयानों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, “श्री मोदी ने पहले खुद कहा था कि वह हस्तक्षेप नहीं करेंगे और उन्होंने सशस्त्र बलों और उनके प्रमुखों को पूरा अधिकार दिया है। अगर ऐसा है, तो वह अपने भाषणों में सैन्य कार्रवाई का जिक्र क्यों करते रहते हैं? चुनाव प्रचार के बीच में बार-बार इस मुद्दे को क्यों उठाते हैं।”

श्री खरगे ने चेतावनी दी कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “चुनावी बयानबाजी में सेना की कार्रवाइयों का इस्तेमाल अपनी छवि या वोट के लिए करना बिल्कुल सही नहीं है। यह राष्ट्रीय गरिमा और सुरक्षा का मामला है, व्यक्तिगत प्रचार का नहीं।”

 

 

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