नयी दिल्ली, 02 सितंबर (वार्ता) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) 637 करोड़ रुपये के बैंक ऋण धोखाधड़ी से जुड़े पीएमएलए मामले में अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और उसके प्रमोटरों से जुड़े चेन्नई, कोलकाता, गोवा और कांचीपुरम स्थित परिसरों में तलाशी अभियान चला रहा है।
सूत्रों के अनुसार यह कार्रवाई कथित बैंक धोखाधड़ी और फर्जी संस्थाओं के माध्यम से धन की हेराफेरी की पीएमएलए जांच का हिस्सा है। पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और उसके प्रमोटर अरविंद बी शाह तथा अन्य के खिलाफ 637 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी के लिए सीबीआई में शिकायत दर्ज करायी है।
पीएनबी, यूबीआई, एसबीआई, आईडीबीआई बैंक, इलाहाबाद बैंक, करूर वैश्य बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, कॉर्पोरेशन बैंक जैसे विभिन्न बैंकों के संघ का अग्रणी बैंक था, जिसने 704.75 करोड़ रुपये की विभिन्न ऋण सुविधाएँ (नकद ऋण, सावधि ऋण और गैर-निधि आधारित) प्रदान कीं, जिनमें से बैंकों के खातों के अनुसार 637.58 करोड़ रुपये बकाया थे। सभी बैंक ऋण खातों को 2014 और 2015 के बीच एनपीए घोषित कर दिया गया था। इसके अलावा, कैन बैंक फैक्टर्स लिमिटेड (जो संघ का सदस्य नहीं था) ने आरोपियों को 7.61 करोड़ रुपये की ऋण सुविधाएँ प्रदान कीं।
शिकायत के आधार पर सीबीआई ने 2016 में अरविंद बी शाह के नेतृत्व वाली अरविंद रेमेडीज़ लिमिटेड और अन्य के खिलाफ बैंकों के संघ से 637 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में एक प्राथमिकी दर्ज की। यह प्राथमिकी (एफआईआर) आईपीसी की धारा 120-बी और धारा 420, 46, 468, 471 और 477-ए के तहत दर्ज की गई थी। सीबीआई की प्राथमिकी के आधार पर ईडी ने 2021 में आरोपियों के खिलाफ पीएमएलए जांच शुरू की।
ईडी अधिकारी ने कहा, “वित्त वर्ष 2009-10 से वित्त वर्ष 2014-15 तक की वार्षिक रिपोर्ट एकत्र की गईं। एमसीए से आगे ऑडिट किए गए वित्तीय विवरण भी एकत्र किए गए। लगभग 294 बैंक खाते प्राप्त किए गए और उनका विश्लेषण किया गया । बैंक खातों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रमोटरों ने नियंत्रित फर्जी संस्थाओं के माध्यम से बैंक फंड की हेराफेरी की थी।”
तलाशी अभियान में निदेशकों, मुख्य संस्था के प्रमोटरों, ऑडिटर और कुछ ज्ञात डमी निदेशकों को शामिल किया जा रहा है। तलाशी अभियान में चेन्नई, कांचीपुरम, कोलकाता और गोवा स्थित परिसर शामिल हैं।
