इंदौर/सांवेर:शुक्ला ब्रदर्स की बाणेश्वरी ट्रेवल्स बस के लापरवाह ड्रायवर को जमानत मिलने के बाद करणी सेना भड़क उठी. रविवार दोपहर करणी सेना से जुड़े महिला-पुरुषों का बड़ा समूह इंदौर-उज्जैन हाईवे पर रिंग्नोदिया गांव में एकत्रित होकर चक्काजाम पर बैठ गया। करीब दो घंटे तक मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप रहा.
बुधवार रात हुई दुर्घटना में खरगोन जिले के गोल गांव निवासी महेंद्र सोलंकी (45), पत्नी जयश्री (40) और दोनों बेटे जिगर (16) व तेजस (12) की मौत हो गई थी.
बस ड्रायवर शिव सोनवानिया पर सांवेर थाने में हल्की धाराओं में मामला दर्ज किया गया, जिसके चलते उसे कोर्ट से तत्काल जमानत मिल गई. इससे आक्रोशित करणी सेना सड़क पर उतर आई.करीब दो घंटे तक एसडीएम घनश्याम धनगर और एसडीओपी प्रशांत भदौरिया करणी सेना पदाधिकारियों को समझाते रहे. अंततः सात दिनों में मांगों पर कार्रवाई का भरोसा देने के बाद जाम समाप्त हुआ.
यह मांगें रखी गईं
बस ड्रायवर पर सख्त धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेजा जाए.
मृतकों के वारिसों को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए.
इंदौर-उज्जैन सिक्सलेन मार्ग पर सुरक्षा संकेत लगाए जाएं.
हादसे में ठेकेदार को भी आरोपी बनाया जाए.
इस दौरान करणी सेना ने सवाल उठाया कि एक ही जिले में एक जैसे अपराध पर अलग-अलग धाराएं क्यों लगाई जाती हैं? वहीं पुलिस का कहना है कि मृतकों के परिजनों और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, परंतु स्थिति शांतिपूर्ण रही और चक्काजाम जैसी स्थिति नहीं बनी
