
इंदौर. संयोगितागंज पुलिस ने 78 किलो चांदी की सनसनीखेज डकैती की गुत्थी सुलझाते हुए अंतरराज्यीय गिरोह के आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों से 33 किलो चांदी, लूटी गई स्कूटी, चोरी की बाइक, मोबाइल फोन और दो देशी कट्टे समेत चार जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं. बरामद माल की कीमत करीब 35 लाख रुपए बताई गई है.
एडीसीपी रामस्नेही मिश्रा और एसीपी तुषार सिंह ने एक प्रेस वार्ता में बताया कि 3 जून को नायरा पेट्रोल पंप के सामने से 18 वर्षीय युवक भ्रमप्रकाश सिसोदिया का अपहरण कर बदमाशों ने उसके पास से 76.2 किलो चांदी, स्कूटी, मोबाइल और नकदी लूट ली थी. इस मामले में थाना संयोगितागंज में बीएनएस की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था. थाना प्रभारी सतीश पटेल के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई. सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मामले की तह तक पहुंचने के लिए पुलिस की टीम उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान भेजी गई. मुख्य आरोपी आकाश सिसोदिया को आगरा जिले के खंदौली से पकड़ा गया. उससे पूछताछ के बाद अन्य साथियों हेमंत राजपूत, निक्की बग्घा, नितिन जट्टा, विवेक पोनिया, गौरव सिसोदिया, अनुज उर्फ अन्नु कुंतल और विनोद कुमार को गिरफ्तार कर लिया. निक्की बग्घा को पकड़े जाने के दौरान वह भागने की कोशिश में घायल हो गया. जांच में सामने आया कि मास्टरमाइंड गौरव सिसोदिया पहले फरियादी की दुकान पर काम कर चुका था और चांदी लाने-ले जाने की जानकारी रखता था. उसी ने बाकी साथियों को पूरी योजना बताई. आरोपियों ने घटना के लिए एक स्कूटी छीनने के साथ एक मोटरसाइकिल भी चोरी की थी. वारदात के बाद लूटी गई चांदी को विनोद कुमार को बेचने की कोशिश की गई थी. पुलिस ने अब तक लूटी गई चांदी में से 33 किलो चांदी बरामद कर ली है, जो छह सिल्ली व सात बिस्किट के रूप में मिली है. इसके अलावा फरियादी से छीनी गई स्कूटी, चोरी की मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल किए गए दो देसी कट्टे और चार कारतूस भी जब्त किए गए हैं. पुलिस अब भी दो फरार आरोपियों पुष्पेंद्र और आकाश पंडित की तलाश में जुटी है और शेष लूटी गई चांदी की बरामदगी के लिए दबिशें दी जा रही हैं.
