
रीवा।
श्यामशाह मेडिकल कॉलेज के बर्न यूनिट में प्रदेश का तीसरा स्किन बैंक खुल गया है। इसके शुरू हो जाने से जलने के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार उपलब्ध होगा। अभी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में बर्न यूनिट अलग से होने के बाद भी स्किन की प्लास्टिक सर्जरी नहीं हो पाती थी। रीवा में यह सुविधा बर्न और प्लास्टिक सर्जरी विभाग के अंतर्गत संचालित होगी। यह स्किन बैंक प्रदेश में भोपाल और जबलपुर के बाद तीसरा होगा। बुधवार शाम से स्किन डोनेशन की सुविधा पूरी तरह शुरू कर दी गई है।
स्किन बैंक एक मॉडर्न चिकित्सा सुविधा है, जहां मृत व्यक्ति से दान में ली गई त्वचा को सुरक्षित तरीके से संरक्षित कर, जलने के रोगियों और अन्य त्वचा संबंधित जरूरतों में इस्तेमाल किया जाता है। इसमें उन मरीजों की स्किन भी ली जाएगी जो अस्पतालों में उपचार के दौरान ही ब्रेन डेड या फिर कार्डियक डेड हो जाते हैं। स्किन डोनेशन के लिए देहदान जैसी प्रक्रिया अपनाई जाती है, इसमें मरीज के परिजनों को स्किन दान करने संबंधी सहमति पत्र मेडिकल कॉलेज प्रबंधन को देना होगा।
श्यामशाह मेडिकल कालेज के डीन सुनील अग्रवाल ने बताया कि बैंक के लिए त्वचा दान कराए जाने का प्रावधान किया जाएगा। जिसमें किसी भी व्यक्ति के मृत्यु के 6 घंटे के भीतर त्वचा दान कराई जा सकेगी। यदि मृतक का पार्थिव शरीर डीप फ्रीजर में समय से रखा जाएगा तो 24 घंटे तक वह उपयोग के योग्य रहेगी। रीवा के श्यामशाह मेडिकल कालेज से संबद्ध संजय गांधी अस्पताल विंध्य का सबसे बड़ा अस्पताल है। जहां पर दूर-दूर से मरीज इलाज के लिए आते हैं। यहां पर बर्न के भी मरीज काफी संख्या में आते हैं। इसी को देखते हुए रीवा में स्किन बैंक खोलने की शुरुआत की गई है। एक डोनर से प्राप्त स्किन को आठ से दस लोगों में उपयोग किया जा सकेगा, इस बैंक से जरूरत पड़ने पर स्किन दूसरे अस्पताल भी ले सकेंगे।
