रेलवे में नई तकनीक; तेज, सुरक्षित और किफायती है सिग्नलिंग प्रणाली

भोपाल। पमरे के भोपाल मंडल के निशातपुरा यार्ड में नई सिग्नल प्रणाली शुरू की गई है. भारतीय रेल में पहली बार ऐसी तकनीक शुरू की गई है जिसमें सिग्नल ऑपरेशन अब तारों की बजाय ऑप्टिकल फाइबर के ज़रिए किया जाएगा. पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल ने रेल सिग्नल प्रणाली को और अधिक सुरक्षित और तेज़ बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ कटारिया ने इस संबंध में बताया कि इस तकनीक की शुरुआत एस/एच-15 और एस/एच-16 नाम के दो सिग्नलों पर निशातपुरा यार्ड में की गई है. उन्होंने बताया कि भोपाल से बीना के मध्य रेलखंड पर इस तकनीक को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का कार्य प्रारंभ हो चुका है. योजना के अनुसार, जून 2026 तक पूरे रेलखंड में यह उन्नत प्रणाली सक्रिय कर दी जाएगी. यह तकनीक आगे चलकर देशभर की रेलवे लाइनों को और सुरक्षित और आधुनिक बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

बता दें कि अब तक जो सिग्नल प्रणाली चल रही थी, उसमें अलग-अलग तारों के ज़रिए सिग्नलों को कंट्रोल किया जाता था. इसमें समय लगता था, और कई बार खराबी की संभावना भी रहती थी. यह नवीनतम तकनीक ऑप्टिकल फाइबर केबल पर आधारित है, जो पारंपरिक संकेत प्रणाली की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और विश्वसनीय मानी जा रही है.

 

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