मिलान 06 मई (वार्ता) केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज यहां कहा कि आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भारत का दृष्टकोण अल्पकालिक नहीं रहा है बल्कि दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपनाया गया है।
श्रीमती सीतारमण ने यहां एशियाई विकास बैंक (एडीबी) की 58वीं वार्षिक बैठक में एडीबी गवर्नर्स सेमिनार: भविष्य के लचीलेपन के लिए सीमा पार सहयोग’ के दौरान कहा “हमारा दृष्टिकोण हमारे पास मौजूद परिसंपत्तियों के आधार पर खुद को और अधिक मजबूत करना है, चाहे वह मानव पूंजी के रूप में हो या प्रौद्योगिकी के रूप में जिसमें हम अग्रणी हैं, अगर मैं ऐसा कह सकता हूं, और उन क्षेत्रों में भी जिनमें हमें लगता है कि हम आगे बढ़ सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि भारत के पास लगभग 60 करोड़ लोग हैं जो 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसलिए भारत ऐसी अर्थव्यवस्था से नहीं जुझ रही हैं जो बूढ़ी हो रही है। उन्होंने कहा “ हमने डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (डीपीआई) विकसित की है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वैश्विक बाजार तक पहुंच उस नागरिक को भी मिले जो दूर-दराज के किसी गांव में रहता है और उसके पास कुछ हस्तशिल्प उत्पाद हैं जिन्हें वह बेचना चाहता है। इसलिए उनको देखते हुए जिनका हम पूरी तरह से उपयोग करना चाहते हैं, चाहे वह प्रौद्योगिकी हो या जनशक्ति, सरकार की नीतियों को इस तरह से तैयार किया गया है कि हम विनिर्माण और सेवा क्षेत्र का समर्थन करने में सक्षम हैं जिसमें भारत अग्रणी है।”
