अद्वैत वेदांत का दर्शन अनंतकाल तक लोक कल्याण का पथ प्रदर्शक रहेगा

ओंकारेश्वर।

शुक्रवार को आद्य जगतगुरु शंकराचार्य की जयंती के अवसर पर जूनापीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी के सानिध्य में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एकात्म धाम, ओंकारेश्वर में आयोजित आचार्य शंकर प्रकटोत्सव ‘एकात्म पर्व’ में सहभागिता की और कहा कि

भगवान श्री महादेव के अवतार जगतगुरु शंकराचार्य ने चार पीठों की स्थापना कर अखंड भारत को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरो दिया। अद्वैत वेदांत का दर्शन अनंतकाल तक लोक कल्याण के पुनीत पथ प्रदर्शक बना रहेगा।

विश्व कल्याण के लिए आद्य शंकराचार्य ने “ब्रह्म सत्यं जगन्मिथ्या जीवो ब्रह्मैव नापरः” के माध्यम से अद्वैत वेदांत दर्शन का सार प्रदान किया, जिसका अर्थ है-ब्रह्म सत्य है, जगत मिथ्या है, जीव ब्रह्म ही है, दूसरा नहीं।

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