
रीवा। मौसम का मिजाज सुबह से ही बदला था दोपहर तक बादल के साथ धुंध छाया था और ढ़ाई बजे तेज हवा के साथ आंधी चली. जिसके चलते टीन टप्पर जमीन पर आ गये और सडक़ किनारे लगी होर्डिंग गिर गई. कई जगह विद्युत पोल पर पेड़ गिरने से विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई. आंधी इतनी तेज थी कई जगह पेड़ गिर गये.
किसानो की फसल उड़ गई और खलिहान में रखा भूसा हवा के झोके में चला गया. आधे घंटे तक जिले भर में तेज आंधी रही. शहर में 7 घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप्प रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्रो में कई जगह विद्युत पोल टूटने से सप्लाई बहाल नही हो पाई. अन्य दिनो के अपेक्षा रविवार को तापमान में गिरावट देखने को मिली. दिन का अधिकतम तापमान 39 डिग्री रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री आका गया. गौरतलब है कि सुबह से आसमान में बादल बने हुए थे और धुंध छाया था. लेकिन जैसे ही दोपहर हुई धूल भरी आंधी शुरू हो गई. 50 किलो मीटर प्रति घंटा के रफ्तार से आंधी चल रही थी, जिसके कारण बड़े-बड़े पेड़ धराशाही हो गये और लोगो के घरो में लगे टीन-टप्पर भी जमीन पर आ गये. जिले के कुछ हिस्सो में आंधी के साथ बूंदाबांदी भी हुई है. फसल के साथ आम को भी बहुत नुकसान हुआ है. आम और नीबू की फसल आधी से जमीन पर गिर गई. किसानो का भूसा खलिहान में रखा था जो उड़ गया और खेत में काटी गई फसल भी हवा के झोके में चली गई. आंधी थमने के बाद रूक-रूक कर तेज हवाएं चलती रही. अच्छा रहा कि कई जनहानि नही हुई. तेज हवा शुरू होने के पहले ही विद्युत सप्लाई बंद कर दी गई थी. जिसके कारण आगजनी की घटनाएं भी नही हुई. मौसम विभाग की माने तो अभी दो दिन तक इसी तरह का मौसम रहेगा, धूल भरी आंधी चलेगी.
आंधी के बाद ठप्प रही विद्युत आपूर्ति
आंधी इतनी तेज थी कि कई जगह विद्युत लाइनो में फाल्ट आया. शहर में रतहरा के पास 33 हजार की लाइन टूट गई. जिसके कारण रतहरा एवं इंजीनियरिंग कालेज सब स्टेशन की विद्युत सप्लाई 7 घंटे तक ठप्प रही. इसी तरह शिल्पी प्लाजा सहित मुख्य बाजार की विद्युत सप्लाई तीन घंटे तक बंद रही. आंधी शांत होने के बाद मरम्मत का कार्य किया गया. ग्रामीण क्षेत्रो में विद्युत पोल टूटने से कई गांवो में अंधरा छाया हुआ है. समय पर मरम्मत का कार्य नही हो पाया. दरअसल पेड़ की डालिया विद्युत लाइनो पर टूट कर गिर गई. जिसके कारण अधिकांश जगह विद्युत पोल टूटे है.
