दोस्तों के साथ आए भोपाल के युवक की शिप्रा में डूबने से मौत

उज्जैन। शिप्रा नदी में भोपाल से आए युवक की बुधवार सुबह डूबने से मौत हो गई। युवक दोस्तों के साथ महाकाल दर्शन करने उज्जैन आया था।

महाकाल थाना पुलिस ने बताया कि रामघाट से कुछ दूरी पर बने सिद्ध आश्रम घाट पर एक युवक के डूबने की सूचना मिली थी। पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे युवक की तलाश शुरू की गई 1 घंटे की तलाश के बाद उसे बाहर निकला गया। पुलिस के अनुसार मृतक के दोस्तों के शोर मचाने पर मां शिप्रा तैराक दल के सचिव संतोष सोलंकी, तेजा कहार, पप्पू कहार, दीपक कहार, बड़ा हुकुम कहार, मन्नू कहार, राज कहार, हुकुम ठाकुर, रूपसिंह कहार, माधव सिंधे, दिनेश कहार, जितेंद्र कहार और होमगार्ड के जवानों ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला गया। घाट पर मौजूद मृतक युवक के दोस्तों ने बताया कि मृतक का नाम समीर पिता हरिओम मीणा 16 वर्ष निवासी भानपुर इमलिया भोपाल था। पुलिस के अनुसार मृतक के साथ दोस्त कुणाल, अंकित, गुलशन, मुकुल और लकी आए हुए थे। जिनका कहना था कि महाकाल दर्शन करने से पहले नहाने के लिए शिप्रा नदी पहुंचे थे। रात में ट्रेन से निकले थे सुबह 4 बजे उज्जैन पहुंचने के बाद वह सीधे रामघाट पर पहुंचे थे। समीर को तैरना नहीं आता था अचानक गहरे पानी में जाने से डूबा है। पुलिस ने मृतक युवक के परिजनों को घटना से अवगत कराया है। जिनके आने पर पोस्टमार्टम कराया गया। दोस्तों का कहना था कि समीर खेती का काम करता था उसके पिता किराना दुकान चलाते हैं।

Next Post

आपातकाल के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र को बचाने की थी

Wed Jun 25 , 2025
इंदौर. आपातकाल के विरुद्ध लड़ाई, देश के लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई थी. आपातकाल के दौरान न्यायालयों के फैसलों को पलट दिया गया। आपातकाल देश के लोकतंत्र पर काले धब्बे के समान था. आज से 50 वर्ष पूर्व 25 जून 1975 को जिन लोगों ने देश में आपात काल लागू […]

You May Like