“इंस्पायरिंग इनोवेटर्स”-आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना के साथ कौशल पहल पर बनायी गयी आठ लघु फिल्में

नयी दिल्ली, 13 जनवरी (वार्ता) केन्द्रीय सूचना प्रसारण और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने मंगलवार को कहा कि कहानी कहने की भारत की समृद्ध परंपरा से जुड़े, हमारे रचनाकारों के पास आज भारतीय कहानियों को दुनिया भर के दर्शकों तक पहुंचाने का मौका है। इसे बौद्विक संपदा ढांचे को मजबूत करने और भविष्य के लिए तैयार सृजनात्मकता वातावरण बनाने के लिए सरकार की कोशिशों का सहयोग मिला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना को ध्यान में रखते हुए, यह भारत में और दुनिया के लिए बनाने का सही समय है, जिसमें सामग्री, सृजनात्मकता और संस्कृति भारत की अर्थव्यवस्था के मुख्य स्तंभों के रूप में उभर रहे हैं। जैसे-जैसे सामग्री निर्माण और उभरती तकनीक से कहानी कहने का एक नया दौर शुरू हो रहा है। ‘इंस्पायरिंग इनोवेटर्स’ जैसी पहल इस बात पर ज़ोर देती हैं कि समाज की सेवा में सृजनात्मकता का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है। मैं भारत में सार्थक कहानी कहने के लिए नेटफ्लिक्स की लगातार प्रतिबद्धता और उन नवाचारों की तारीफ़ करता हूँ जो इस भावना को दिखाते हैं, क्योंकि हम सब मिलकर विकसित भारत की परिकल्पना की ओर बढ़ रहे हैं।”

गौरतलब है कि भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (पीएसए) कार्यालय और सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मंगलवार को ”इंस्पायरिंग इनोवेटर्स – नए भारत की नई पहचान” कार्यकम का समापन किया। यह एक कौशल गुणवत्ता पहल है जिसे नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी के साथ मिलकर बनाया गया है। ग्राफिटी स्टूडियोज़ के साथ पार्टनरशिप में लागू की गई यह पहल, कहानी सुनाने और नवाचारों के इस्तेमाल को सामाजिक रूप से बढ़ावा देने के लिए भारत के नवाचार तथा और सृजनात्मकता तंत्र को एक साथ लाती है। इंस्पायरिंग इनोवेटर्स – नए भारत की नयी पहचान भारत के नवाचारी तंत्र को मजबूत करने में कहानी कहने, कौशल और स्टार्ट-अप की भूमिका पर जोर देता है। यह पहल पीएसए कार्यालय द्वारा नवाचार सामाजिक प्रभाव को आगे बढ़ाने में उनके काम के लिए पहचाने गए आठ भारतीय स्टार्ट-अप्स के योगदान को दिखाती है। इन स्टार्ट-अप्स को देश भर के आठ विश्वविद्यालयों के छात्रों द्वारा बनाई गई आठ लघु एनिमेटेड फ़िल्मों के ज़रिए दिखाया गया है। इनमें नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन, चितकारा यूनिवर्सिटी, सत्यजीत रे इंस्टिट्यूट ऑफ़ फ़िल्म एंड टेलीविज़न और कई दूसरे विश्वविद्यालय शामिल हैं। फ़िल्मों के लिए वॉइसओवर वॉइसबॉक्स के सहभागियों ने रिकॉर्ड किए थे, जो नेटफ्लिक्स का नेशनल फ़िल्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (एनडीएफसी) के साथ मिलकर शुरू की गयी एक कौशल क्षमता निर्माण एक पहल है।इस पहल के बारे में शंकर महादेवन एकेडमी के स्टूडेंट्स ने गीत गाकर की जिससे प्रोग्राम में एक सांस्क़तिक और सृजनात्मक पहलू भी जुड़ गया।

भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा, “इंस्पायरिंग इनोवेटर्स को सामजिक प्रासंगिकता वाले नवाचारों का उल्लेख करने और साथ ही कौशल एवं ज्ञान को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इसके ज़रिए स्टार्ट-अप्स और छात्रों को एक साथ लाकर, और नेटफ्लिक्स फंड फॉर क्रिएटिव इक्विटी और उद्योग मार्गदर्शन के ज़रिए कौशल सहयोग के साथ, यह प्रोग्राम भारत के नवाचारी तंत्र को बनाने के लिए एक समग्र रूख प्रदर्शित करता खाता है। यह नीति की योजना को प्रतिभा विकास और वास्तविक समय अनुप्रयोग से जोड़ता है।” सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने कहा, “भारत में ज़बरदस्त नवाचार हो रहे हैं, जो अक्सर असरदार समाधानों के ज़रिए रोज़मर्रा की चुनौतियों को हल करते हैं। ऐसे ही नेटफिल्क्स भारत में एक दशक पूरा कर रहा है। इंस्पायरिंग इनोवेटर्स एक ज़बरदस्त उदाहरण के तौर पर सामने आया है कि कैसे कहानी कहने की सामग्री बनाने से आगे बढ़कर एक कौशल प्रदाता सशक्त मंच बन सकता है, जो देश भर के युवा प्रतिभाओं के आत्मविश्वास और पेशेवर प्रतिभा को दिखाता है। हम आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस वाली कहानियों से बने ज़माने में कदम रख रहे हैं, नई टेक्नोलॉजी को अपनाना बहुत ज़रूरी है जो अगली पीढ़ी के लिए प्रगति और तरक्की को मुमकिन बनाएंगी। यह काफी हौसला बढ़ाने वाला है कि भारत ऐसी प्रोत्साहनकारी नवाचारी हानियों को दूर-दूर तक दर्शकों तक पहुंचाया जा रहा है।”

नेटफ्लिक्स इंडिया की वैश्विक मामलों की निदेशक महिमा कौल ने कहा, “नेटफ्लिक्स में, हम भारत के युवा और जीवंत सृजनात्मकता के कौशल को बढ़ावा देने के लिये प्रतिबद्व हैं। इंस्पायरिंग इनोवेटर्स, ऐसे नवाचारों को पहचानने के लिए एक प्रतिबद्वता को दिखाता है जो असली सामाजिक मायने है। कहानी कहने का यह कौशल पहल सरकार, इंडस्ट्री और युवा रचनाकारों को एक साथ लाती है ताकि भारत के नवाचार तंत्र को एक सार्थक तरीके से आकार देने वाले आइडिया दिखाए जा सकें। समापन समारोह में सभी आठ फिल्मों का प्रदर्शन, शंकर महादेवन अकादमी के छात्रों द्वारा एक एंथम परफॉर्मेंस की गयी ।
आठ फिल्में नेटफ्लिक्स इंडिया के यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध हैं।

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