एआई में कौशल, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा पर जोर

नयी दिल्ली 26 अप्रैल (वार्ता) भारत ने एआई के लिए राष्ट्रीय नीति पर विशेष ज़ोर दिया है जिसमें नैतिक बदलाव, कार्यबल के कौशल को बढ़ाने और कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा में क्षेत्रीय अनुप्रयोगों को प्राथमिकता दी गई है।

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने ब्राजील में ब्रिक्स देशों के श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की 11वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि एआई के लिए भारत की राष्ट्रीय नीति में नैतिक बदलाव, कार्यबल के कौशल को बढ़ाने और कृषि, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा में क्षेत्रीय अनुप्रयोगों पर विशेष जोर दिया गया है।

सुश्री करंदलाजे ने को ब्रासीलिया में, ब्राजील की अध्यक्षता में आयोजित, ब्रिक्स श्रम एवं रोजगार मंत्रियों की बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। बैठक के समापन में दो अहम विषयों पर एक घोषणा ” कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और कार्य का भविष्य” और “कामकाजी दुनिया पर जलवायु परिवर्तन का प्रभाव और उचित बदलाव” को स्वीकार किया गया।

सुश्री करंदलाजे ने तकनीकी बदलाव के लिए भारत के मानव-केंद्रित दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला। उन्होंने फ्यूचर स्किल्स प्राइम और नमो ड्रोन दीदी कार्यक्रमों का उल्लेख किया।

उन्होंने कहा कि जलवायु कार्रवाई पर, भारत ने अपने विकास के माडल पर ज़ोर दिया है जिसमें यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हरित विकास के साथ समान रोजगार के मौके भी पैदा हों।

ब्रिक्स घोषणापत्र में समावेशी एआई नीतियों को बढ़ावा देना, श्रमिकों की सुरक्षा के साथ संतुलन , निष्पक्ष जलवायु परिवर्तन सुनिश्चित करने के लिए सामाजिक संवाद, श्रम प्रशासन, डिजिटल समावेशन और हरित रोजगार सृजन पर दक्षिण-दक्षिण सहयोग और समावेशी सामाजिक कल्याण के साथ अत्याधुनिक तकनीकी प्रगति पर जोर दिया गया है।

 

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