इंदौर:इतिहास रचते हुए इंदौर ने ऐसा पहला ज़िला बनने का गौरव प्राप्त किया है, जिसकी सभी पंचायतों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योग स्थापित हो गए हैं. इस उपलब्धि से न केवल ज़िले का औद्योगिक परिदृश्य सशक्त हुआ है, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोज़गार के नए अवसर भी मिले हैं.कलेक्टर आशीष सिंह की पहल पर इंदौर जिले की शत-प्रतिशत ग्राम पंचायतों में उद्योग स्थापना का महत्वाकांक्षी अभियान गत वर्ष अप्रैल 2024 से प्रारंभ किया गया था.
मात्र एक वर्ष की अल्प अवधि में अभियान के लक्ष्य को प्राप्त कर लिया गया है. ज़िले की 160 ऐसी पंचायतें, जहाँ पूर्व में कोई उद्योग नहीं था, उनमें 336 नए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग स्थापित कराए गए। इन उद्योगों में कुल 90 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। इससे स्थानीय स्तर पर दो हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्राप्त हुआ है.
पहले से थे 500 उद्योग
उल्लेखनीय है कि जिले में कुल 334 पंचायतें हैं, इनमें पूर्व से 174 पंचायतों में 500 उद्योग स्थापित थे। शेष 160 पंचायतों में किसी भी तरह के उद्योग नहीं थे। इसको देखते हुए कलेक्टर आशीष सिंह ने उद्योग विहीन सभी 160 पंचायतों में सूक्ष्म, लघु और मध्यम स्तर के उद्योग लगाने का लक्ष्य तय किया. इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उन्होंने सभी संबंधित विभागों के समन्वय से एक विशेष अभियान गत अप्रैल माह से शुरू किया था.
