2.5 हजार करोड़ की लागत से आउटर रिंग रोड को जोड़ने 10 कनेक्टिंग सड़कें बनेगी

इंदौर: एनएचएआई द्वारा बनाई जा रही आउटर रिंग रोड से जुड़ने के लिए 10 नई कनेक्टिंग सड़कें बनेगी. इन सड़कों की कुल लंबाई 94 किलोमीटर होगी. इसको लेकर आईडीए में आज सांसद और महापौर के साथ बैठक हुई. बैठक में सड़कों के निर्माण पर 1 हजार करोड़ और जमीन अधिग्रहण पर 1.5 करोड़ रुपए का खर्च आएगा.
शहर में एनएचएआई ने 160 किलोमीटर आउटर रिंग रोड बनाया जाना प्रस्तावित किया है. उक्त प्रस्ताव के पहले चरण में 64 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण एनएचएआई ने शुरू कर दिया है.

यह सड़क पश्चिम में ग्राम रिजलाय के पास खंडवा से शुरू होकर शिप्रा देवास (आगरा मुंबई मार्ग) पर मिलेगी. वहीं दूसरे चरण में शिप्रा से शुरू होकर खंडवा रोड तक 90 किलोमीटर की पूर्वी रिंग रोड का काम होगा. आउटर रिंग रोड से कनेक्टिविटी के लिए शहर के अलग अलग इलाकों से कनेक्टिंग सड़कें बनाने को लेकर आज सांसद शंकर लालवानी और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आज आईडीए सीईओ और अधिकारियों के साथ बैठक की. बैठक में मास्टर प्लान की सड़को का आउटर रिंग रोड से कनेक्टिंग सड़कें बनाने, जो मास्टर प्लान से बाहर है, पर चर्चा की.
जमीन अधिग्रहण मुख्य समस्या
सूत्रों के अनुसार सड़कों के निर्माण से ज्यादा खर्च जमीन अधिग्रहण का आ रहा है,जो डेढ़ गुना है। इसका खर्च कौन देगा ? यह बात सांसद ने बैठक में की, कि सड़क बनने से ज्यादा खर्च जमीन लेने का है। उक्त प्रस्ताव में 10 सड़कों के लिए आईडीए और एनएचएआई के अधिकारियों ने सर्वे के अनुसार 735 एकड़ ज़मीन का अनुमान लगाया है। जमीन अधिग्रहण का अनुमानित मुआवजा 1.5 हजार करोड़ रुपए माना है। लालवानी ने कहा कि सड़क निर्माण का 1 हजार करोड़ रुपए गडकरी दे देंगे. बैठक में 10 सड़क बनाने पर सहमति हो गई है, सिर्फ लागत खासकर जमीन अधिग्रहण मुख्य समस्या है. कनेक्टिंग सड़को को ए-1 से ए-10 नाम दिया गया है. यह आईडीए निर्माण करेगा. उक्त सभी 10 सड़कों का सर्वे और प्लान आईडीए द्वारा किया गया है.
खास बातें
* दस सड़क को ए- 1 से ए – 10 नाम दिया गया है।
* अनुमान के अनुसार 8 से 12 किलोमीटर लंबी होगी सड़कें
* 10 सड़कों की अलग अलग चौड़ाई निम्न है
18 मीटर की 2
30 मीटर की 6
45 मीटर की 1
60 मीटर की 1
* 735 एकड़ जमीन का अधिग्रहण प्रस्तावित
जमीन अधिग्रहण पर डेढ़ हज़ार करोड़ मुआवजा
* 1000 हजार करोड़ सड़क निर्माण लागत
* सड़क निर्माण पर कुल खर्च 2500 ढाई हजार करोड़ रुपए
* सवालः 1.5 डेढ़ हजार करोड़ जमीन का मुआवजा का खर्च कौन उठाएगा ?
* उत्तरः पूर्व में राज्य सरकार ने एनएचएआई को जमीन अधिग्रहित करके दी है। पुनः इस संभावना पर भी विचार किया जा सकता है ।

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