इंदौर: लसूड़िया पुलिस ने पैथोलॉजी लैब संचालक के अपहरण की वारदात को सुलझाते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. वारदात में लैब में साथ काम करने वाला युवक ही निकला मास्टर माइंड. रुपयों के लेन-देन के विवाद में आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी. पुलिस ने घटना के सिर्फ 8 घंटे के अंदर आरोपी तक पहुंचकर अपहृत को सुरक्षित बरामद कर लिया.
फरियादी संदीप रेसवाल निवासी रामनगर मूसाखेड़ी ने पुलिस को बताया कि वह श्योर पैथोलॉजी लैब में काम करता है और लैब संचालक संदीप पिता उदय सिंह करोलबाग इंदौर हैं. 16 दिसंबर की शाम दोनों किसी सैंपलिंग कॉल पर डीबी प्राइड कट एबी रोड पहुंचे थे. यहां सफेद कार में एक मरीज बताया गया था, लेकिन जैसे ही संचालक संदीप कार के पास पहुंचे तो एक युवक ने धक्का देकर जबरदस्ती कार में बैठा लिया. विरोध करने पर फरियांदी को भी धक्का देकर आरोपी संचालक को लेकर भाग गए. शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू की थी.
डीसीपी जोन-2 कुमार प्रतीक ने बताया कि एडीसीपी अमरेन्द्र सिंह और एसीपी राजकुमार सराफ की निगरानी में थाना प्रभारी लसूड़िया ने टीम बनाई, जांच में पता चला कि लैब में ही काम करने वाले सुरेश राठौर निवासी दीवानखेड़ी, सोयत जिला आगर से संचालक का रुपयों को लेकर विवाद चल रहा था. पुलिस ने सुरेश की लोकेशन और तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम भेजकर आरोपी को सोयत आगर इलाके से पकड़ा.
संचालक संदीप को भी जंगल के पास बनी शासकीय गोशाला से सुरक्षित बरामद कर लिया. आरोपी सुरेश राठौर उम्र 26 वर्ष निवासी दीवानखेड़ी को हिरासत में ले लिया है. पूछताछ में सामने आया कि पैसे के लेन-देन की रार को लेकर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर अपहरण की वारदात की थी. पुलिस अब आरोपी से उसके साथियों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों के बारे में पूछताछ कर रही है
