नयी दिल्ली, 06 नवंबर (वार्ता) कांग्रेस ने कहा है कि चुनावी प्रक्रिया में जवाबदेही, पारदर्शिता और नागरिकों की विश्वास बहाली के लिए उसका ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ अभियान का पहला चरण आठ नवंबर को समाप्त होगा।कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने गुरुवार को बताया कि ‘वोट चोर गद्दी छोड़ अभियान 22 अगस्त से शुरु हुआ और इसके तहत सात सितंबर तक राज्य मुख्यालयों में रैलियां आयोजित की गई। फिर 15 सितंबर से जिलों, ब्लॉकों तथा मंडलों में इससे जुड़े कार्यक्रम हुए जिनमें लाखों लोग शामिल हुए और उन्होंने भाजपा सरकार की जनविरोधी और लोकतंत्र को खत्म करने वाली नीतियों के खिलाफ विरोध दर्ज किया।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस ने इसी चरण में चुनावी धोखाधड़ी के खिलाफ नागरिकों को संगठित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जिसके तहत अब तक देश भर में पांच करोड़ से अधिक हस्ताक्षर एकत्र किये हैं। श्री वेणुगोपाल ने बताया कि पहले चरण के इस अभियान को लेकर बुधवार को यहां पार्टी मुख्यालय में कांग्रेस महासचिवों, प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों की बैठक हुई जिसमें सर्वसम्मति से अभियान का पहला चरण शनिवार आठ नवंबर को समाप्त करने का फैसला किया गया। उन्होंने बताया कि अभियान के समापन के बाद एकत्रित हस्ताक्षर कांग्रेस मुख्यालय भेज दिए जाएंगे और अगले चरण में और अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर एकत्र करने का अभियान चलाया जाएगा। लाखों नागरिकों की आवाज़ों का प्रतिनिधित्व करने वाले इन हस्ताक्षरों को तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग करते हुए राष्ट्रपति को सौंपा जाएगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि इस अभियान के जरिए चुनाव आयोग से मांग की गई है कि वह फोटोयुक्त मशीन-पठनीय मतदाता सूची प्रकाशित करें। हर चुनाव से पहले मतदाता सूची से नाम हटाने और जोड़ने का काम करने के बाद स्पष्ट तस्वीरों के साथ मतदाता सूची जारी की जाये। पार्टी की ये भी मांग है कि गलती से अगर कोई नाम छूट जाये तो उसके समाधान के लिए एक शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया जाये। इसके अलावा मतदाता सूची में बदलाव के लिए एक स्पष्ट कट-ऑफ तारीख की घोषणा की जाये। उन्होंने ये भी कहा कि किसी वैध मतदाता का नाम हटाने में शामिल अधिकारियों और एजेंटों पर मुकदमा भी दर्ज किया जाये।

