लंदन/बीजिंग, 11 अप्रैल (वार्ता) चीन के अमेरिका वस्तुओं पर जवाबी कर 84 प्रतिशत से बढ़ाकर 125 फीसदी करने के बाद शुक्रवार सुबह यूरोप के शेयर बाजारों में गिरावट देखी गयी।
चीन ने शुक्रवार को कहा कि वह अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 125 प्रतिशत कर रहा है। चीन की अमेरिका से आयातित वस्तुओं पर यह वृद्धि दोनों देशों के बीच बढ़ते ‘व्यापार युद्ध’ में नवीनतम घटनाक्रम है।
चीन ने कहा कि अमेरिका पर यह उच्च आयात शुल्क शनिवार से प्रभावी होंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, “ अमेरिका के चीन पर असामान्य रूप से उच्च आयात शुल्क को बारी-बारी से बढ़ाना संख्या का एक खेल बन गया है, जिसका कोई व्यावहारिक आर्थिक महत्व नहीं है और यह विश्व अर्थव्यवस्था के इतिहास में एक मजाक बन जाएगा। ”
प्रवक्ता ने कहा, “यदि अमेरिका चीन के हितों का उल्लंघन करना जारी रखने पर जोर देता रहा, तो चीन दृढ़ता से इसका मुकाबला करेगा और अंत तक लड़ेगा। ”
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस व्यापार युद्ध पर अपनी पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया में दो-टूक कहा कि उनका देश “किसी से नहीं डरता।”
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोप का बेंचमार्क स्टॉक्स 600 इंडेक्स बढ़त के साथ खुला, लेकिन सुबह 4.40 बजे तक 0.9 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि फ्रांस का सीएसी 40 इंडेक्स और जर्मनी का डीएएक्स इंडेक्स क्रमशः 0.9 प्रतिशत और 1.2 प्रतिशत नीचे थे। लंदन का एफटीएसई 100 सूचकांक 0.2 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहा था।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा चीन के खिलाफ लगाए गए कुल आयात शुल्क अब 145 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि उसने अमेरिकी आयात शुल्क को लेकर विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में एक और शिकायत दर्ज कराई है।
चीन की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, “10 अप्रैल को, अमेरिका ने कार्यकारी आदेश जारी किया, जिसमें चीनी उत्पादों पर तथाकथित ‘पारस्परिक आयात शुल्क’ में और वृद्धि की घोषणा की गयी। चीन ने अमेरिका के नवीनतम आयात शुल्क प्रावधानों के खिलाफ डब्ल्यूटीओ में शिकायत दर्ज कराई है।”
