हनोई, 11 अप्रैल (वार्ता) वियतनाम ने कहा है कि वह अपनी जमीन से अमेरिका भेजे जाने वाले चीन के सामानों पर जवाबी शुल्क लगाएगा और चीन को संवेदनशील वस्तुओं के निर्यात पर भी नियंत्रण कड़ा करेगा।
गौरतलब है कि अमेरिका ने शिकायत की है कि वियतनाम के सामान पर कम शुल्क का फायदा उठाने के लिए ‘मेड इन वियतनाम‘ लेबल के साथ उसके यहां ऐसे सामान भी आ रहे हैं जो चीन में बने होते हैं।
समाचार पत्र साउथ चाइना मौर्निंग पाेस्ट की एक खबर के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस के वरिष्ठ व्यापार सलाहकार पीटर नावारो समेत कई वरिष्ठ अमेेरिकी अधिकारियों ने इस बाबत वियतनाम से चिंता जताई थी।
इस बीच वियतनाम सरकार के एक आधिकारिक पाेर्टल ने जानकारी दी है कि उप-प्रधानमंत्री हो डस फस ने बुधवार को अमेरिकी व्यापारिक प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से मुलाकात की थी। उनकी बातचीत में दोनों देश व्यापार समझौते के लिए बातचीत शुरू करने पर सहमत हुए हैं।
गुरुवार को द्विपक्षीय व्यापार-वार्ता शुरू होने की घोषणा करते हुए वियतनाम सरकार ने कहा कि वह -‘व्यापार में धोखाधड़ी’ के विरुद्ध कार्रवाई करेगी। इस घोषणा में कोई और ब्योरा नहीं दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ट्रम की पहली सरकार के समय कुछ बहुराष्ट्रीय कंपनियों ने चीन के साथ कम से कम एक और देश में कारोबार का आधार बनाने की रणनीति पर काम करना शुरू कर दिया था। इनमें से कुछ ने वियतनाम में भी कारखाने लगा लिए थे, ताकि चीन के खिलाफ अमेरिकी कार्रवाई का असर कम किया जा सके।
पोर्टल के मुताबिक इस बाबत अमेरिका के साथ व्यापारिक विचारविमर्श कल से आरंभ हो चुका है और वह ‘व्यापारिक धोखाधड़ी’ के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा। हालांकि इस बाबत कोई विशेष जानकारी नहीं दी गई है।
वियतनाम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर कहा कि वियतनाम द्वारा सुझाए गए कदमों को ध्यान में रखते हए अमेरिका ने वियतनाम के खिलाफ शुल्क की दरों में कमी किए जाने का संकेत दिया है।
गौरतलब है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा विभिन्न देशों के खिलाफ जवाबी आयात-शुल्क नीति लागू करने के फैसले से वियतनाम के सामान पर अमेरिका में शुल्कों में 46 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है जो वहां चीन के सामान पर लागू दरों के बार सबसे ऊंची दर है।
चीन ने अमेरिकी व्यापार कार्रवाई के बाद उसके सामानों पर आयात पर अतिरिक्त आयात शुल्क बढ़ा 84 प्रतिशत कर दिया था। अमेरिका ने इस पर और सख्त कदम उठाते हुए चीनी के सामान पर आयात शुल्क 34 प्रतिशत से बढाकर 145 प्रतिशत कर दिया है। इसके बाद चीन ने भी अमेरिकी वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़कार 125 प्रतिशत कर दिया।
निर्यात पर निर्भर वियतनाम अमेरिका के जवाबी शुल्क से गहरे संकट में है। एक तरफ वह अमेरिका के साथ अपने व्यापार को बचाना चाहता है जो उसका सबसे बड़ा बाजार है दूसरी ओर वह चीन को भी नाराज नहीं करना चाहता जो कि उसका बड़ा निवेशक और पड़ोसी है।
