फोटो खिंचवाने से एयरपोर्ट बनने वाला नहीं
सतना: एयरपोर्ट पर रनवे की लंबाई कम करने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मसले पर विधायक सिद्धार्थ कुशवाहा ने कहा कि राजेन्द्र,गणेश और प्रतिमा को इस बारे में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए. जनता के साथ धोखा हो रहा है. काग्रेस सब कुछ जनता के सामने लेकर आएगी.कांग्रेस नेता सर्किट हाउस में संयुक्त पत्रकार वार्ता में बोल रहे थे.इस मौके पर जिलाध्यक्ष दिलीप मिश्रा, शहर अध्यक्ष मकसूद अहमद,रशिम सिंह,रमाशंकर पयासी,प्रदीप समदड़िया,उर्मिला त्रिपाठी उपस्थित थी. कुशवाहा ने कहा कि हवाई पट्टी का रनवे छोटा कर दिए जाने से सतना हवाई अड्डे का अस्तित्व लगभग खत्म सा हो गया है।
सतना देश के उन प्रमुख हवाई पट्टियों में से एक थी, जिसका इस्तेमाल सेना के लिए किया जाता था। जिस हवाई पट्टी के लिए वर्ष 1939 में लगभग 1100 एकड़ भूमि अर्जन की कार्यवाही की गई थी, आज उस हवाई पट्टी के पास मात्र 451 एकड़ जमीन ही बची है, जिसमें एयरपोर्ट अथॉर्टी की निष्क्रियता और राजस्व अमले की मिली भगत से लगभग 60 प्रतिशत भाग पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। विधायक ने कहा है कि सांसद, मंत्री ने कई बार फोटो सेशन कराते हुए कहा था कि एयरपोर्ट जल्द शुरू कर दिया जाएगा, लेकिन सब धोखा था। आजादी से पहले जमीन थी, लेकिन अब रनवे के लिए भी जमीन नहीं बची।
इसमें लोक निर्माण विभाग सबसे बड़ा दोषी है।जिलाध्यक्ष श्री मिश्रा ने कहा कि सतना एयरोड्रम के लिए एयरपोर्ट अथॉर्टी ने नभ विभाग से करीब 981.29 एकड़ जमीन अधिग्रहीत की थी। हवाई अड्डे के लिए 981.29 एकड़ जमीन की आवश्यकता नहीं थी, इसलिए नागरिक उड्यन विभाग ने 529.36 एकड़ जमीन नभ विभाग से वापस ले ली और शेष 451.93 एकड़ जमीन एयरपोर्ट अथार्टी के अधीन हो गई। जिस पर हवाई अड्डे का निर्माण किया गया। एयरपोर्ट अथॉर्टी की 451.93 एकड़ जमीन के कई एकड़ हिस्से पर एयरपोर्ट अथार्टी की निष्क्रियता, लोक निर्माण विभाग एवं राजस्व अमले की मिलीभगत से अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। तहसीलदार का प्रतिवेदन यह बताता है कि कब्जा की हुई जमीन को चिन्हित किया जा चुका है।
कांग्रेस का कहना है कि 6 मार्च 2013 को जारी जिला कलेक्टर सतना के प्रतिवेदन अनुसार करीब 74.30 एकड़ जमीन पर अतिक्रमण स्वीकार किया गया है। कलेक्टर द्वारा दिए गए प्रतिवेदन में बताया गया है कि 49.30 एकड़ जमीन पर झुग्गी झोपड़ी व मकान बना लिए गए हैं, करीब 8 एकड़ जमीन पर किसान लोग खेती कर रहे हैं और 17 एकड़ जमीन पर मैहर बाईपास रोड का निर्माण कर दिया गया है।
कैसे करोगे 1800 मीटर
बड़ा विमान उतारने के लिए1800 मीटर रनवे लम्बाई की आवश्यकता है जबकि सतना हवाई अड्डे पर 1828.60 मीटर एवं चौड़ाई 4500 मीटर जमीन अभी भी मौजूद है। सवाल यह है कि जमीन होते हुए भी रनवे की लम्बाई 1200 मीटर क्यों कर दी गई? कांग्रेस ने लम्बाई कम करने वाले गुनाहगारों पर कार्यवाही की मांग करते हुए कहा कि यह एक बड़ा षड्यंत्र है।
बाधाओं को दूर करो
कांग्रेस का कहना है, केन्द्रीय मंत्री द्वारा जिन 248 बधाओं का जिक्र किया गया है उसके लिए सीधे तौर पर राजस्व अमला, लोक निर्माण विभाग एवं एयरपोर्ट अथॉर्टी के लोग जिम्मेदार हैं। क्योंकि राजस्व एवं लोक निर्माण विभाग के अमले ने मोटी सुविधा शुल्क लेकर वहां पर न केवल अतिक्रमण कराया बल्कि कई अपने निजी व सगे संबंधियों को भी कब्जा करने के लिए प्रेरित किया और एयरपोर्ट अथॉर्टी के अधिकारी इस सम्पूर्ण मामले में चुप्पी साधकर बैठे रहे।
डिप्टी सीएम भी बोल गए
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि हाल ही में मप्र विधानसभा में भी प्रदेश के डिप्टी सीएम ने कहा है कि 200 किमी. के आस-पास दूसरा हवाई अड्डा निर्मित नहीं किया जा सकता। इससे स्पष्ट है कि रीवा हवाई अड्डे के बाद सतना में हवाई अड्डा निर्मित कराने में प्रदेश सरकार की कोई मंशा समझ में नहीं आ रही है।
धोखा करते रहे सांसद
सतना विधायक और कांग्रेस पदाधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि सब कुछ जानते हुए भी सांसद धोखा करते रहे, उनकी नीयत साफ नहीं है। कांग्रेस ने एयारपोर्ट शुरू कराने तक लड़ाई लड़ते रहने की बात कही है।
