
भोपाल। मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली, भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़े और घोटालों पर सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने छतरपुर जिला अस्पताल में 17 अप्रैल 2025 को हुई अमानवीय घटना, जिसमें 77 वर्षीय बुजुर्ग उद्धव सिंह जोशी को डॉ. राजेश मिश्रा ने थप्पड़ मारे, कॉलर पकड़ा और फर्श पर घसीटने वाली घटना, की निंदा करते हुए कहा कि यह घटना, जो एक वायरल वीडियो के माध्यम से सामने आई, केवल एक डॉक्टर की गुंडागर्दी नहीं, बल्कि 22 वर्षों के बीजेपी शासन में स्वास्थ्य तंत्र के पूरी तरह ध्वस्त होने का सबूत है। उन्होंने कहा,यह शर्मनाक है कि एक 77 वर्षीय बुजुर्ग को सिर्फ इसलिए पीटा गया, क्योंकि वह लंबी कतार में खड़े नहीं हो पा रहे थे। जब पूरी दुनिया रोबोटिक सर्जरी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों को अपना रही है, तब मध्यप्रदेश के जिला अस्पतालों में मरीजों के शरीर को चीर-फाड़ कर ऑपरेशन किए जा रहे हैं। हृदय रोग, कैंसर और यूरोलॉजी जैसी गंभीर बीमारियों के लिए मरीजों को नागपुर, मुंबई और दिल्ली भटकना पड़ता है, क्योंकि यहाँ विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी है।
उन्होंने दवाइयों की खरीदी में घोटालों, नकली इंजेक्शनों और फर्जी डॉक्टरों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा छतरपुर की घटना कोई इकलौता मामला नहीं है। मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पताल मरीजों के लिए यातना गृह बन चुके हैं।
नायक ने रतलाम में सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार के साथ डॉ. सीपीएस राठौर ने गाली-गलौज की।
इंदौर में महाराजा यशवंतराव अस्पताल में मरीज को जूनियर डॉ. आकाश कौशल ने गालियाँ दीं और थप्पड़ मारे।
बैतूल में डॉ. प्रदीप धाकड़ ने एक गर्भवती महिला को लात मारी, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उधर,सीधी में गर्भवती उर्मिला रजक को एंबुलेंस न मिलने से ठेले पर प्रसव करना पड़ा, और नवजात की मृत्यु हो गई।
इसी प्रकार दमोह में फर्जी कार्डियोलॉजिस्ट नरेंद्र विक्रमादित्य यादव ने नकली डिग्रियों के सहारे 15 हार्ट सर्जरी कीं, जिसमें सात मरीजों की मौत हो गई। उधर, नायक ने
रीवा के संजय गांधी मेमोरियल हॉस्पिटल में पाँच प्रसूताओं को अमानक इंजेक्शन दिए गए, जिससे उनकी याददाश्त चली गई और वे आईसीयू में भर्ती रहीं। इसका भी उल्लेख बयान में किया है।
