नयी दिल्ली,26 मार्च (वार्ता) केन्द्रीय डेयरी, मत्स्यपालन एवं पशुपालन मंत्री राजीव रंजन ऊर्फ ललन सिंह ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि भारत विश्व में दूध उत्पादन में अव्वल देश बन चुका है और अगले पांच वर्षाें में दूध का उत्पादन बढ़कर 30 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान है।
श्री सिंह ने प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में राष्ट्रीय गौकुल मिशन के उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने का परिणाम हुआ है कि देश दूध उत्पादन में दुनिया में अग्रणी बन गया है। 2014-15 14.6 करोड़ टन दूध का उत्पादन था जो अभी बढ़कर करीब 24 करोड़ टन हो गया है। इसमें 63.5 प्रतिशत की बढोतरी हुयी है। उन्होंने कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने अगले पांच वर्षाें में दूध के उत्पादन को 30 करोड़ टन पर पहुंच का अनुमान लगाया है।
उन्होंने कहा कि भारत दुनिया में अव्वल दूध उत्पादक है लेकिन अभी भी इसका निर्यात नहीं किया जा रहा है क्योंकि पशुओं को मूँह- खुरपका बीमारी के कारण दूध का निर्यात नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अब दूध का आयात भी नहीं करता है लेकिन कुछ विशिष्ट दुग्घ उत्पाद आयात किये जा रहे हैं।
एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र सहकारी संगठनों से जुड़ा हुआ है। कोल्ड चेन की बात है तो इसका विकास पुशपालन इंफ्रास्ट्रक्चर विकास कोष से किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इसमें दूग्ध उत्पादन से जुड़े सभी क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
उन्होंने दूध सहकारी संगठनों को लेकर कहा कि बनारस दूध संघ का 2021 में उत्पादन 11400 लीटर था लेकिन अब उसका उत्पादन बढ़कर दो लाख 63 हजार लीटर से अधिक हो गया है। संघ ने गोबर की भी खरीद शुरू कर दी है तथा उसे बायो गैस का उत्पादन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दूध उत्पादन के लिए किसी भी जाति विशेष पर ध्यान नहीं दिया जाता है इसमें सभी जाति और धर्म के लोग लगे हैं। उन्होंने कहा कि पहले दूध की खरीद 33 रुपये प्रति लीटर होता था लेकिन अभी यह 46 रुपये प्रति लीटर हो गया है।
