विंध्यनगर: एनटीपीसी की विंध्याचल परियोजना कोयला, हाईड्रो और सोलर से 4783 मेगा वॉट का विद्युत उत्पादन कर रहा है। यह परियोजना देश कि सबसे बड़ी परियोजना के रूप में जानी जाती है। विंध्याचल परियोजना एशिया की 9वीं और विश्व की 10वीं सबसे बड़ी परियोजना है।विंध्याचल परियोजना विद्युत उत्पदान के हर क्षेत्र में अग्रणी है।
परियोजना 90 प्रतिशत से ऊपर पीएलएफ के साथ अपना बेहतर प्रदर्शन कर रही है। वही विद्युत उत्पदान के साथ-साथ विंध्याचल परियोजना सामाजिक सारोकार के साथ विस्थापितों के कल्याण के प्रति जिम्मेवारी का बखूबी निवर्हन कर रही है। यह बाते विंध्याचल परियोजना के कार्यकारी निदेशक ई सत्य फणि कुमार ने कही है। कार्यकारी निदेशक विंध्याचल आज उमंग भवन में क्षेत्रीय मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे।
शिवकुमार ने कहा कि विंध्याचल परियोजना जहां विद्युत उत्पादन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण के कर्तव्यों का भी निवर्हन कर रही है। जिसके तहत विंध्याचल परियोजना में जहां अधिक से अधिक पौध रोपण किया जा रहा है। वही सयंत्र क्षेत्र में सभी यूनिटों में एफजीडी लगाने का काम किया जा रहा है। कुछ यूनिटों में यह कार्य पूरा किया जा चुका है। जबकि बची हुई यूनिटों में यह कार्य दिसम्बर 25 तक पूरा कर लिया जाएगा।
जिससे चिमिनी से निकलने वाले सल्फर डाई ऑक्साईड को पर्यावरण में पहुंचने नही दिया जाएगा। वही विंध्याचल परियोजना में कार्बन टू मेथेनॉल सयंत्र के स्थापना का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। यह देश का पहला सयंत्र है जो सयंत्र से निकलने वाली हानी कारक गैस कार्बन डाई ऑकसाईड को मेथेनॉल में परिवर्तित कर देगा। जिसका उपयोग सयंत्र में फ्यूल के रूप में किया जाएगा।
