प्रबंधक समेत राइस मिलर संचालकों कर्मचारियों पर 12 थानों में एफआईआर
जबलपुर: जिले के बाहर मिलर्स द्वारा धान उठाने के बजाए स्थानीय दलालों को बेचने के मामले में हुई जांच में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कारपोरेशन के प्रभारी जिला प्रबंधक सहित 13 कर्मचारी, 17 राइस मिलर संचालक, 25 सोसाइटी, उपार्जन केंद्र के 44 कर्मचारी कुल 74 व्यक्तियों के खिलाफ जिले के 12 थानों में आपराधिक प्रकरण दर्ज कराए गए हैं।
समस्त दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही के लिए सक्षम प्राधिकारी को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। 11 सोसाइटी, उपार्जन केंद्र के 20 प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ सहकारी समिति अधिनियम के तहत कारवाई के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अभियोजन की कारवाई के लिए उपायुक्त सहकारिता को निर्देशित किया गया है।जानकारी के अनुसार 519 डीओ में से 324 डीओ धान का उठाव अभी तक हुआ था, जो 614 ट्रिप में जो धान जानी थी, जिसमें से ही 571 ट्रिप में 1 लाख 31 हजार क्विंटल धान की हेराफेरी कर दी गई है। जिसकी कीमत 30 करोड़ 14 लाख 19 हजार 600 रुपए है।
इन पर दर्ज हुआ प्रकरण
मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाइज कारपोरेशन प्रभारी प्रबंधक दिलीप करार, ऑपरेटर सुनील प्रजापति, प्रभारी इश्यू सेंटर जबलपुर मंडी रामकिशोर बैगा, ऑपरेटर संदीप देशमुख, रिछाई मंडी सेंटर प्रभारी रामेन्द्र शर्मा, ऑपरेटर सुमित कोरी, सिहोरा मंडी सेंटर प्रभारी धमेन्द्र चंद्रोल, पाटन सेंटर प्रभारी एस मेहरा, कुंडम सेंटर प्रभारी दीपक संकलिया समेत इनके ऑपरेटरों पर प्रकरण दर्ज किया गया।
इसके अलावा आंनद एग्रो इंडस्ट्री मनेरी मंडला प्रोपराइटर अनूप गोयल, गुरू नानक राइस मिल्स मनेरी प्रोपराइटर मनदीप सिंह, मेमर्स मूनलाइट स्टील्स मनेरी सुखदर्शन, मेकल इंडस्ट्रीज मानेसी प्रोपइटर प्रवीण सावनी समेत अभिषेक शर्मा, आयुष खंडेलवाल, धनश्याम, संजय जैन, प्रतीक सक्सेना, भैया जी ठाकुर, मुकेश कुमार हल्दकार, नीरज, अजय दत्त, विशाल सिंह अन्य को आरोपी बनाया गया है।
इन्होंने की जांच
मामले की जांच अपर कलेक्टर नाथूराम गौंड, संयुक्त कलेक्टर जबलपुर ऋषभ जैन, श्रीमती शिवाली सिंह, सहायक आपूर्ति अधिकारी संजय खरे द्वारा की गई जिसे कलेक्टर दीपक कुमार सक्सेना को सौंपा गया।
571 ट्रिप में गायब कर दी धान
जानकारी के अनुसार 519 डीओ जारी किए गए थे, जिसमें से 324 डीओ का उठाव 18 मिलर द्वारा किया गया था। जो 614 ट्रिप में धान को ले जाने का काम करते, लेकिन धान चालान में उल्लेखित 571 वाहन ट्रिप का टोल बैरियर से होकर गुजरने का रिकॉर्ड नहीं मिला है। जो मिलिंग के लिए गंतव्य तक ले जाने की बजाय स्थानीय मार्केट में खपा दी गई है।
45 वाहनों में थे फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर
धान के उठाव को लेकर एक और सबसे बड़ी खुलासा हुआ है कि इसके उठाव में जो वाहन उपयोग कर रहे थे, उनमें से 45 वाहन ऐसे थे जिन पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाए गए थे, इसके अलावा 55 वाहन ऐसे हैं जो कि ट्रक ना होकर अन्य वाहन के रूप में रजिस्टर्ड है। इसके अलावा 121 वाहन ट्रिप में लोडिंग क्षमता से बहुत ज्यादा है।
