नयी दिल्ली, 12 मार्च (वार्ता) समाजवादी पार्टी के धर्मेन्द्र यादव ने बुधवार को लोकसभा में संविदा कर्मियों का मुद्दा उठाते हुये मांग की कि सरकारी कर्मचारियों की तरह इन कर्मचारियों को भी वेतन और अन्य सुविधायें दी जानी चाहिये।
श्री यादव ने शून्य काल के दौरान यह मसला उठाते हुये कहा कि संविदा कर्मी, आशा कार्यकर्ता, रोजगार सेवक, शिक्षा मित्र, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकायें, अनुदेशक, पंचायत सेवक, रसोइया, ग्रामीण चौकीदार आदि कर्मी बहुत कम मानदेयों पर अपनी सेवायें दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मियों की संख्या बहुत अधिक है। इन कर्मचारियों को पारिश्रमिक के नाम पर बहुत कम राशि का भुगतान किया जाता है, जिससे उनका जीवनयापन बहुत कठिन हो रहा है। वह सरकार से मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों को सरकारी कर्मचारियों की तरह वेतन और अन्य सुविधायें प्रदान की जायें, जिससे वे अपना गुजर-बसर ठीक से कर सकें।
उन्होंने सरकारी विभागों में आउटसोर्स के तहत नियुक्त कर्मचारियों का भी मुद्दा उठाया और कहा कि आउटसोर्स करने वाली कंपनियां इन कर्मचारियों का शोषण करती हैं और उन्हें मामूली वेतन पर नियुक्त कर उनसे निर्धारित पूरा काम लेती हैं। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स के माध्यम से की जाने वाली नियुक्तियों में आरक्षण नियमों का भी पालन नहीं किया जाता। ऐसे कर्मचारियों को भविष्य निधि और अन्य सुविधायें भी नहीं मिलती। वह मांग करते हैं कि इन कर्मचारियों के साथ न्याय किया जाये।
