कोल्लम, 11 फरवरी (वार्ता) कोल्लम सतर्कता न्यायालय ने सबरीमाला सोना चोरी की लंबे समय से चल रही जांच में बुधवार को त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड (टीडीबी) के 75 वर्षीय पूर्व अध्यक्ष एन. वासु को ज़मानत दे दी। यह ज़मानत तब दी गयी जब अभियोजन पक्ष 90 दिन की निर्धारित रिमांड अवधि में चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रहा।
एन. वासु को 11 नवंबर 2025 को गिरफ्तार किया गया था। वह इस मामले में तीसरे आरोपी हैं, जो सबरीमाला भगवान अयप्पा मंदिर के गर्भगृह के द्वार-चौखट से सोने की कथित हेराफेरी से जुड़ा है। मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) का कहना है कि नवीनीकरण कार्यों के दौरान प्रशासनिक चूक और प्रक्रियागत खामियों के कारण सोने से मढ़े कीमती हिस्सों को हटाया गया और सही तरीके से संभाला नहीं गया, जिससे उनके गायब होने की स्थिति बनी।
एसआईटी द्वारा समय सीमा के भीतर आरोपपत्र दाखिल न कर पाने के कारण कई अन्य आरोपी भी पहले ही इसी आधार पर जमानत पर रिहा हो चुके हैं, जिनमें देवास्वोम बोर्ड के पूर्व अधिकारी डी. सुधीश कुमार सहित अन्य शामिल हैं। यह जमानत एक अहम प्रक्रियागत मोड़ है, लेकिन मामला अब भी व्यापक सार्वजनिक और न्यायिक निगरानी में बना हुआ है। केरल उच्च न्यायालय ने इस सप्ताह एसआईटी की प्रगति पर भरोसा जताते हुए कहा कि जांच जटिल प्रकृति की है और इसमें समय बद्धता से अधिक वैज्ञानिक और सूक्ष्म परीक्षण का महत्व है।
इसी बीच, जांच का दायरा भी बढ़ गया है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित वित्तीय अनियमितताओं के पहलू की जांच तेज करते हुए धनशोधन कानून के तहत कुछ प्रमुख व्यक्तियों को समन जारी किये हैं। सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में मंदिर की पवित्र संरचनाओं से जुड़े कई किलोग्राम सोने के गायब होने का आरोप है। यह केरल में राजनीतिक बहस और कानूनी कार्यवाही का केंद्र बना हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में और सुनवाई तथा नया घटनाक्रम विकसित होने की संभावना है।
सबरीमाला सोना चोरी मामला : सतर्कता न्यायालय ने त्रावणकोर देवास्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष को ज़मानत दी
