
विद्युत उपभोक्ताओं ने लगाया आरोप, 1321 की रसीद और 5 हजार रूपए की वसूली
नवभारत न्यूज
सिंगरौली 8 मार्च। जिले के विद्युत वितरण केंद्र रजमिलान अभी बीते दो-तीन महीने पहले कनिष्ठ अभियंता अधिकारी रितेश सिंह रजमिलान में पदस्थ हुए हैं, तब से लगातार अवैध वसूली चरम पर हो गई है। विद्युत उपभोक्ताओं में हाहाकार मचा हुआ है।
आपको बता दें कि अभी ताजा मामला ग्राम पंचायत अमिलवान विद्युत उपभोक्ताओं ने जानकारी देते हुए बताया कि मैं अभी हाल ही में 1 हॉर्स पावर का मोटर कनेक्शन लिया। क्षेत्रीय लाइनमैन अनिल सिंह से मुलाकात किया और उन्हें बताया कि मुझे 1 हॉर्स पावर का मोटर कनेक्शन लेना है तो लाइनमैन अनिल सिंह के द्वारा बोला गया कि अभी 1 हॉर्स पावर मोटर कनेक्शन का शुल्क 5000 रुपए जमा करना पड़ेगा और मैं 5000 रुपए शुल्क लाइनमैन अनिल सिंह को जमा किया। उसके 15 दिवस बाद मेरे व्हाट्सएप पर रसीद प्राप्त हुई है और वह रसीद मात्र 1321 रुपए की प्राप्त हुई है। 5000 रुपए में 1321 रुपए घटा दिया जाए तो 3679 रुपए की अवैध वसूली की गई है। उपभोक्ता बृजलाल कुशवाहा ने जब लाइनमैन अनिल सिंह से पूछा कि आपने मेरे से 5000 रुपए जमा कराया था और आपके द्वारा बोला गया था कि 5 हजार का रसीद दूंगा, लेकिन आपके द्वारा मात्र 1321 रुपए की रसीद मुझे प्राप्त हो रही है।
उपभोक्ताओं के जेबो पर डाका
विद्युत उपभोक्ता आए दिन इस समस्या से परेशान नजर आ रहे हैं। लेकिन इन गरीब-असहाय उपभोक्ताओं की समस्या को सुनने वाला जिले में कोई नही दिख रहा है। कई बार उपभोक्ताओं ने इस अवैध वसूली का विरोध किया। लेकिन जो जिले में विद्युत विभाग के अधिकारी लंबे समय से बैठे हैं। वह विद्युत उपभोक्ताओं की समस्या को नजर अंदाज कर देते हैं और उनका नजर अंदाज करना लाजमी भी बनता है। क्योंकि उन्ही के संरक्षण के कारण यह अवैध वसूली हो रही है और जब समस्या सुननेे लगेंगे तो उनका जेब गर्म नही हो पाएगा इसके कारण राम भरोसे विद्युत विभाग का यह भ्रष्टाचार पूरे सिंगरौली जिले में लगातार चलता आ रहा है।
बिजली विभाग किसानों को कर रहा खोखला
बजली विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार मचा हुआ है। जिस तरह से विद्युत वितरण केंद्र रजमिलान में कनिष्ठ अभियंता अधिकारी एवं क्षेत्रीय लाईनमैनों के द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। इससे लगातार विद्युत उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। इस तरह की अवैध वसूली किसी एक विद्युत उपभोक्ता से नही हो रही है। जितने भी उपभोक्ता घरेलू कनेक्शन या मोटर पंप कनेक्शन या बिजनेस पर्पस पावर कनेक्शन ले रहे हैं। उन सभी उपभोक्ताओं से मोटी रकम विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के संरक्षण से कराया जा रहा है। बताया जाता है कि यह जो अवैध वसूली हो रही है।
