मुंबई, 21 फरवरी (वार्ता) आरपी संजीव गोयनका समूह के उपाध्यक्ष शाश्वत गोयनका ने शुक्रवार को कहा कि मखाना की चर्चा मुख्य धारा में होती, उससे पहले ही उनकी कंपनी ने स्वस्थ चबेने के रूप में इसके बाजार का अंदाज लगा लिया था।
उन्होंने एक मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित संवाद कार्यक्रम में कहा, “ हमें मखाना के बाजार मूल्य का पता उस समय तब चला था, जब लोगों ने इसे अपनाया भी नहीं था। स्वस्थ नाश्ता एक अप्रयुक्त क्षेत्र था, और हमने इसके मुख्यधारा में आने से पहले ही अवसर को देखा।” आर पी संजीव गोयनका समूह ‘टू यूम’ ब्रांड के तहत स्नैक्स का कारोबार करता है।
वर्ष 2025-26 के बजट में मखाना उद्योग के प्रोत्साहन के लिये बिहार में मखाना बोर्ड बनाने की घोषणा के बाद से यह उत्पाद चर्चा में है।
श्री गोयनका ने ‘अगली पीढ़ी: बेहतर व्यवसाय’ शीर्षक सत्र में भाग लेते हुये बताया कि कैसे उनके संगठन ने मखाना की क्षमता को पहले ही पहचान लिया था। उन्होंने कहा, “ भारतीयों के पास चीजों को खाने का एक बहुत ही अनूठा तरीका है। वे अपने नाश्ते में स्वाद का तड़का चाहते हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि नाश्ता की चीजें स्वस्थ भी हो। यही वह संतुलन है, जिसे हम सही बनाना चाहते हैं। ”
उन्होंने कहा, “ हम हमेशा स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे, लेकिन स्वाद बाकी सब चीजों पर हावी रहेगा। अगर कोई उत्पाद आनंददायक नहीं है, तो उपभोक्ता उसके पास वापस नहीं आयेंगे।” भारत में पारंपरिक नाश्ता सामग्री को फिर से शुरू करने के बारे में शाश्वत गोयनका ने कहा, “ हमने समय रहते स्वस्थ स्नैकिंग के क्षेत्र की पहचान कर ली है। हमारे भुजिया में बाहरी चिकनाई 45 प्रतिशत कम है, लेकिन इनके स्वाद में कमी नहीं है। ”
स्नैकिंग उद्योग में प्रतिस्पर्धा और सफलता पर गोयनका ने कहा, “ इस बाजार में प्रतिस्पर्धा का बोलबाला है। तकनीक पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ी से बदल रही है, और तकनीक को तेज़ी से अपनाना सफलता की कुंजी है। ”
काम और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन के विषय पर उन्होंने कहा, “ काम के घंटों की संख्या मायने नहीं रखती, उत्पादकता मायने रखती है। मुकेश अंबानी इस क्षेत्र में ऐसे व्यक्ति हैं, जिनकी मैं प्रशंसा करता हूं, क्योंकि उनके पास एकदम सही नज़रिया है, साथ ही एलन मस्क भी। ”
