नागपुर, 12 सितंबर (वार्ता) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार को कहा कि जब तक व्यक्ति और राष्ट्र अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं पहचान लेते उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
ब्रह्माकुमारीज विश्व शांति सरोवर के सातवें स्थापना दिवस पर बोलते हुए श्री भागवत ने कहा कि ब्रह्माकुमारीज़ की तरह आरएसएस भी आंतरिक चेतना को जागृत करने का कार्य करता है।
उन्होंने कहा, “जब तक मनुष्य और देश अपने वास्तविक स्वरूप को नहीं समझेंगे, उन्हें समस्याओं का सामना करना पड़ता रहेगा। अगर हम करुणा दिखाएं और भय पर विजय पाएं, तो हमारा कोई शत्रु नहीं रहेगा।”
भारत को महान बताते हुए और उसे ऐसा ही बने रहने के लिए प्रयास करते रहने की बात कहते हुए, भागवत ने कहा कि देश बढ़ रहा है और आगे भी बढ़ता रहेगा।
अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिका का उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत के उदय को लेकर चिंताएं अक्सर टैरिफ संबंधी मुद्दों को जन्म देती हैं।
आरएसएस प्रमुख ने ज़ोर देकर कहा कि मानवीय दृष्टिकोण में “मैं” से “हम” की ओर बदलाव से अधिकांश संघर्षों का समाधान हो जाएगा। उन्होंने कहा, “दुनिया समाधान खोज रही है।”
