नयी दिल्ली, (वार्ता) उच्चतम न्यायालय ने पारंपरिक अभिभाषण दिये बिना राज्य विधानसभा से बाहर चले जाने पर तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि को वापस बुलाने की मांग करने वाली रिट याचिका सोमवार को खारिज कर दी।
याचिकाकर्ता सीआर जया सुकिन ने तर्क दिया कि राज्यपाल की कार्रवाई ने संवैधानिक मानदंडों का उल्लंघन किया और तमिलनाडु के लोगों का अपमान किया।
उन्होंने अनुच्छेद 156 का हवाला देते हुए अदालत से भारत के राष्ट्रपति को राज्यपाल को वापस बुलाने का निर्देश देने का आग्रह किया, जिसमें कहा गया है कि एक राज्यपाल राष्ट्रपति की इच्छा पर पद धारण करता है।
मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की अगुवाई वाली पीठ ने याचिका खारिज कर दी, जिसमें कहा गया कि मांगी गई प्रार्थनाएं अदालत के अधिकार क्षेत्र से परे है।
मुख्य न्यायाधीश खन्ना ने कहा, “हम उस प्रार्थना को स्वीकार नहीं कर सकते, हम भी संविधान से बंधे हैं। याचिका खारिज की जाती है।”
विवाद तब पैदा हुआ जब सत्र की शुरुआत के दौरान राष्ट्रगान के बजाय तमिलनाडु राज्य गान बजाए जाने को लेकर राज्यपाल रवि विधानसभा से बाहर चले गए।
