
नलखेड़ा,3 फरवरी. सोमवार से शैक्षणिक सत्र 2024-25 की कक्षा 11 वीं की वार्षिक परीक्षाओं का श्री गणेश बोर्ड पोर्टन पर प्रारंभ हुआ. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश करने के पहले छात्रों की चेकिंग की गई.परीक्षा दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक बच्चों के द्वारा दी जा रही है. इस बार विभाग द्वारा बोर्ड पैटर्न पर परीक्षाएं आयोजित की जा रही है. परीक्षा केंद्र पर प्रवेश करने के पहले छात्रों की जांच की और केवल प्रवेश पत्र और पेन को ही केंद्र में ले जाने के लिए अनुमति दी गई. इसके लिए अपने-अपने केंद्र पर पर ही परीक्षाएं दी गई.
गौरतलब है कि इस परीक्षा के लिए विभाग ने 27 जनवरी को ही 11वीं और 9वीं की परीक्षा सामग्री को वितरण कर दिया था. जिला मुख्यालय से तथा ब्लॉक के बीईओ को सारी सामग्री सौंपी गई थी. इसे संबंधित थानों में सुरक्षित तरीके से रखा गया था. यह सामग्री परीक्षा के 40 मिनट पहले ही संस्था प्राचार्य द्वारा थानों से लाई गई और परीक्षा केंद्रों पर छात्र छात्राओं को वितरण की गई. सोमवार को जिले में सभी केंद्रो पर परीक्षाएं हुई. परीक्षा के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सभी ब्लॉक के उत्कृष्ट विद्यालय में जमा कराई जाएगी. यहीं पर इनकी जांच होगी और बाद में संबंधित स्कूलों को रिजल्ट के लिए सौंपी जाएंगी.
25 मार्च तक चलेंगी परीक्षाएं
जिले में 11वीं की परीक्षा सोमवार से शुरू हुई है. पहला पेपर हिंदी का हुआ है. यह परीक्षाएं 22 फरवरी को समाप्त होगी. इसी तरह पांच फरवरी से नवीं की परीक्षा शुरू होकर 22 फरवरी को समाप्त होगी. 24 फरवरी से पांचवीं और आठवीं की परीक्षा शुरू होगी. यह परीक्षाएं 5 मार्च तक चलेगी. 25 फरवरी से 12वीं और 27 फरवरी से 10वीं की बोर्ड परीक्षाएं होंगी, यह परीक्षाएं 25 मार्च को समाप्त होगी.
परीक्षार्थियों के लिए आवश्यक जानकारी
9वीं की परीक्षाएं सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक होंगी, 11वीं की परीक्षाएं दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक होगी, परीक्षा शुरू होने से 10 मिनट पहले उत्तर पुस्तिकाएं वितरित की जाएंगी, परीक्षा शुरू होने से 5 मिनट पहले प्रश्न पत्र दिए जाएंगे, परीक्षा हॉल में 30 मिनट पहले पहुंचना होगा.
शिक्षकों परएक साथ कई कामों का बोझ…
फरवरी से मार्च तक परीक्षाएं करानी है, इसी के साथ 10वीं और 12वीं का अध्यापन कार्य के साथ कठिन विषयों के समाधान को लेकर अतिरिक्त कक्षाएं संचालित करनी है. इन दोनों कार्य के साथ-साथ उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन भी करना है, यानी बच्चों की परीक्षाओं के साथ साथ शिक्षकों की भी परीक्षा होगी. पहले से कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी है. ऐसी स्थिति में परीक्षा की ड्यूटी प्राइमरी स्कूलों के शिक्षकों से कराई जा सकती है. वहीं हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी के शिक्षकों से अध्यापन कार्य और मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण कराया कराए जाने की व्यवस्था स्कूलों ने बनाई है.
