सर्वोत्तम आचरण बने जिला सहकारी बैंक की पहचान: सारंग

भोपाल, 01 फरवरी (वार्ता) मध्यप्रदेश के सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सर्वोत्तम आचरण जिला सहकारी बैंक की पहचान बने। उसके अच्छे कार्यों की मार्केटिंग की जाये। हर बैंक के कर्मचारियों की आचरण और व्यवहार की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई जाये।

श्री सारंग शनिवार को समन्वय भवन में जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नवाचार और अच्छा काम करने के लिये बैंक के हर स्तर पर प्रतिस्पर्धा हो तथा साल के अंत में उत्कृष्ट कर्मी को सम्मानित भी किया जाये।

श्री सारंग ने कहा कि सहकारी बैंकों को अपनी साख के लिये काम करना होगा। उसमें पारदर्शिता लानी होगी और सुनिश्चित करना होगा कि बैंक में डिपॉजिट पूरी तरह से सुरक्षित है। बैंक को वसूली आदि नियमित कार्य के साथ सुदृढ़ीकरण पर ध्यान देना होगा। डिपॉजिट, टर्म लोन, सेफ लोन देने के मामलों काम करना होगा। उन्होंने कहा कि बैंक के कर्मचारियों का कार्य-व्यवहार, संवाद और बैंक का माहौल सकारात्मक हो। काम को चैलेन्ज के रूप में लें। कमजोर बैंकों को अच्छे पर लाने और अच्छे को कमजोर न होने की दिशा में काम कर आगे बढ़ना होगा।

श्री सारंग ने कहा कि डिफाल्ट किसानों के बारे में स्थानीय जनप्रतिनिधियों को अवगत करवाये ताकि वे लोन चुकाने के लिये उन्हें मोटिवेट कर सकें। कलेक्टर के साथ राजस्व अमले से भी संवाद स्थापित करे, जिससे कोआर्डिनेशन और कोआपरेशन के जरिए सहकारी बैंक से सरकारी अमला भी जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि बैंक प्रोफेशनल एप्रोच के साथ काम करे। हरेक पेक्स 2-3 कर्मियों की ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई जाये। उन्होंने कहा कि 2-3 माह में वसूली के प्रकरणों का निराकरण करे। इसके लिये लम्बी प्रक्रिया न हो, काम को स्पीड-अप करें।

श्री सारंग ने कहा कि कमजोर पेक्स के उन्नयन एवं उत्थान के लिये काम किया जाये। वर्गीकरण कर उसे मजबूत बनाया जाये। प्रत्येक पंचायत में पेक्स हो, नई पेक्स को बहुउद्देशीय बनाया जाये। सहकारिता से जुड़े विभागों का सहयोग लिया जाये। उन्होंने कहा कि नई सोसायटी के लिये फेडरेशन भी बनाया जा रहा है।

श्री सारंग ने कहा कि सहकार सभा के माध्यम से कॉलेजों में सहकारिता को लेकर ओरिएंटेशन प्रोग्राम हो। बैंकों में 100 प्रतिशत ऑडिट हो, एक भी बैकलॉक नहीं रहे। हरेक बैंक के नवाचार एवं अच्छे कामों का प्रचार-प्रसार हो, इसके लिये वाहटसेप ग्रुप के माध्यम से सफलता की कहानी मुख्यालय पर प्रेषित की जाये, ताकि सोशल मीडिया जैसे माध्यम से लोग अवगत हो।

अपर मुख्य सचिव सहकारिता अशोक बर्णवाल ने कहा कि कृषि विकास को अगले स्तर पर ले जाने के लिये सहकारी बैंक की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके लिये पेक्स को मजबूत कर बिजनेस बढ़ाने पर ध्यान देना होगा। पेक्स को मल्टीपर्पस बनाया जाना होगा। बिजनेस अवसर के डेवलपमेंट प्लान डिजाइन करने होंगे। माइक्रो एटीएम का उपयोग बढ़ाया जाना होगा। सहकारी बैंक अपनी सर्विसेस बढ़ाये जिससे आसान ट्रॉजेक्शन से ग्राहकों को सुविधा हो।

आयुक्त सहकारिता व पंजीयक श्री मनोज पुष्प ने बैठक के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बैठक हर माह होती है और डिस्ट्रिक लेवल की मॉनिटरिंग के साथ क्रेडिट मूवमेंट पर भी ध्यान दिया जाता है।

अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष पर सहकारिता मंत्री की मंशानुरूप प्रत्येक पंचायत को समिति का सदस्य बनायें एवं “सहकार-सभा” का हर पंचायत में आयोजन कर जनप्रतिनिधियों को इनमें आमंत्रित कर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाये। इससे अधिक से अधिक लोगों का सहकारी बैंकों से जुड़ाव होगा और केंद्र शासन का “सहकार से समृद्धि” का संकल्प भी क्रियान्वित होगा।

उप सचिव सहकारिता मनोज सिन्हा ने कहा कि पैक्स से वही किसान खाद ले सकेगा जो सदस्य होगा। उप महाप्रबंधक आर.एस.चंदेल ने माइक्रो एटीएम के उपयोग पर प्रकाश डाला। चार्टर्ड एकाउंटेंट अमूल्य रांहणेकर ने रिजर्व बैंक और नाबार्ड की गाइड लाइन के तहत अपेक्स बैंक, जिला बैंक व समितियों की वित्तीय कार्यप्रणाली में सावधानी रखने के लिये विभिन्न तकनीकी जानकारी पर मार्गदर्शन दिया। बैठक का संचालन उप महाप्रबंधक श्री के.टी.सज्जन एवं प्रबंधक श्री करुण यादव ने किया।

बैठक में सहकारिता विभाग, अपेक्स बैंक एवं 38 जिला बैंकों के अधिकारी उपस्थित हुए।

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