
० भीमराव अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में आयोजित कांग्रेस की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा कुंभ स्नान को लेकर दिये गये बयान के विरोध में आक्रोशित भाजपाईयों ने किया पुतला दहन
नवभारत न्यूज
सीधी 29 जनवरी। भीमराव अम्बेडकर की जन्म स्थली महू में आयोजित कांग्रेस की रैली में कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा कुंभ स्नान को लेकर दिये गये बयान के विरोध में आक्रोशित भाजपाईयों ने पुतला दहन किया। भाजपाइयों के कांग्रेस अध्यक्ष का पुतला फूंकने के दौरान पुलिस के झूमा झटकी हुई।
दरअसल सोमवार को कांग्रेस की आयोजित जय भीम, जय बापू, जय संविधान रैली के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े द्वारा कुंभ स्नान पर दिए गए बयान के विरोध में भाजपाइयों द्वारा उनके पुतले का दहन कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान भाजपाइयों में काफी आक्रोश दिख रहा था। पुतला दहन को रोंकने के लिए पुलिस बल भी तैनात था। लेकिन भाजपाइयों के आक्रोश के आगे पुलिस की व्यवस्था काफी सुस्त बनी हुई थी। भाजपाइयों ने पुतला में जब आग लगाई तो उसी दौरान पुलिस एक्टिव हो गई। जलते पुतला पर पुलिस की ओर से पानी डाला गया और अधजले पुतला को छीनने की कोशिश शुरू की गई। उसी दौरान भाजपा के एक वरिष्ट नेता द्वारा अपना आपा खोते हुए एक पुलिस अधिकारी से झूमाझटकी शुरू कर दी गई। पुलिस के साथ यह झूमाझटकी काफी चर्चा का विषय बनी हुई है। कुछ लोगों का कहना है कि इससे पूर्व कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी का पुतला दहन भी भाजपा की ओर से किया गया था। उस दौरान भी पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद भाजपाइयों की ओर से पुतला दहन काफी आसानी के साथ कर दिया गया था।
इसी तरह का नजारा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडगे के पुतला दहन के दौरान भी नजर आया। यह जरूर था कि श्री खडग़े के पुतला दहन के दौरान भाजपा के एक वरिष्ट नेता द्वारा पुलिस के साथ झूमाझटकी करने में भी कोई गुरेज नहीं किया गया। पुलिस कर्मियों के ड्यूटी के दौरान यदि कोई व्यक्ति उनके साथ झूमाझटकी करता है तो उस पर पुलिस एफआईआर भी दर्ज करने में कोई गुरेज नहीं करती। लेकिन इस मामले में पुलिस पूरी तरह से मूकदर्शक बनी हुई है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस को इस तरह के मामलों में एक समान रवैया अपनाना चाहिए। सत्ता पक्ष की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान पुलिस काफी सुस्त नजर आती है। जबकि विपक्षीय दलों की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम में पुलिस काफी सक्रिय नजर आती है। ऐसे में तो कुछ लोग यह भी कहने से गुरेज नहीं कर रहे हैं कि सीधी पुलिस का धीरे-धीरे भाजपाकरण होता जा रहा है। भाजपा के विरोध प्रदर्शन एवं ऐसे कार्यक्रमों में पुलिस की जो भूमिका होनी चाहिए वह नजर नहीं आती।
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शिवसेना के जल सत्याग्रह का अलर्ट दिखी पुलिस
ललितपुर-सिंगरौली रेल लाइन से प्रभावित भूमिहीन परिवारों के हक की लड़ाई में जल सत्याग्रह करने उतरे शिवसेना के पदाधिकारियों पर जमोड़ी पुलिस ने विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है। सोमवार को ही आंदोलन स्थल से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इस पर जमोड़ी पुलिस का कहना है कि शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पाण्डेय द्वारा गोपालदास बांध में जल सत्याग्रह करने के लिए एसडीएम से अनुमति मांगी गई थी लेकिन उन्हें अनुमति नहीं प्रदान की गई थी। इसकी सूचना विवेक पाण्डेय को दी गई थी फिर भी विवेक पाण्डेय के नेतृत्व में शिवसेना के कार्यकर्ता केमलभान विश्वकर्मा, बसंतलाल साहू, आनंद कुमार साहू, राजेन्द्र यादव, बेनाम सिंह व अन्य 8-10 के द्वारा गोपालदास बांध में सुरक्षा की दृष्टि से लगाए गए पुलिस को गुमराह करते हुए चोरी छुपे बांध में पहुंचकर सत्याहग्रह शुरू कर दिया गया। जानकारों का कहना है कि पुलिस द्वारा इस मामले में कार्यवाही करने पूरी सक्रियता प्रदर्शित की गई।
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