रादुविवि प्रशासन ने किया था अवैध घोषित
जबलपुर: रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में आदेश के बावजूद भी कर्मचारी शुक्रवार को फिर हड़ताल पर बैठे थे,जिसके चलते कर्मचारी विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी किए गए आदेश की अवहेलना करते हुए हड़ताल पर बैठे हैं। कर्मचारी 26 वें दिन भी कर्मचारी विश्वविद्यालय के मुख्य प्रशासनिक भवन के प्रवेश द्वार पर नारेबाजी करते नजर आए। उल्लेखनीय है कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा रा.दु.वि.वि. शैक्षणेत्तर कर्मचारी संघ एवं अ.जा.ज.पि.व. कर्मचारी संघ के साथ लंबित प्रकरणों पर की गई सकारात्मक चर्चा के उपरांत अ.जा.ज.पि.व. कर्मचारी संघ द्वारा 7 जनवरी 2025 को अनशन स्थगित किया जा चुका है। परन्तु कुछ कर्मचारियों द्वारा अनशन अभी भी जारी है, जिससे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अवरोध उत्पन्न हो रहा है एवं नैक द्वारा च्एज् ग्रेड प्रदत्त विश्वविद्यालय की छवि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जिसे विश्वविद्यालय प्रशासन ने कर्मचारी नेता को पत्र जारी करते हुए अनशन को अवैध घोषित किया था।
कुलगुरु के पहुंचते ही गायब हुए कर्मचारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को भी विश्वविद्यालय प्रशासन के आदेश की अवहेलना करते हुए कर्मचारी हड़ताल पर बैठे हुए थे और विश्वविद्यालय में नारेबाजी कर रहे थे। जिसकी सूचना लगते ही कुलगुरु जैसे ही प्रदर्शनकारी कर्मचारियों के पास पहुंचे ही थे,तब तक आधे से ज्यादा कर्मचारी वहां से गायब हो चुके थे। एक दो कर्मचारी ही वहां पर मौजूद थे जो की कुलगुरु को देखकर वह भी वहां से चले गए थे।
छात्रावासों की समस्याओं के निराकरण करने समिति गठित
विश्वविद्यालय के देवेन्द्र पुरुष छात्रावास के छात्रों द्वारा किया जा रहा अनशन समाप्त किया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुरुष एवं महिला छात्रावास के छात्र-छात्राओं की समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु एक समिति गठित की गई है जो प्रत्येक सप्ताह छात्रावासों में जाकर छात्र-छात्राओं की समस्याओं एवं सुझावों की जानकारी प्राप्त कर शीघ्र निराकरण करेगी एवं प्रतिवेदन से कुलसचिव को अवगत करायेगी।
इनका कहना है
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा कर्मचारियों की हड़ताल को अवैध घोषित कर आदेश जारी कर दिया है। इस आदेश की अवहेलना करने पर विश्वविद्यालय के नियम अनुसार कार्यवाही की जाएगी।
डॉ राजेश कुमार वर्मा, कुलगुरु
