बारहवीं की छात्रा ने फांसी लगाकर की खुदकुशी 

जांच के लिए आईफोन और लैपटाप जब्त

भोपाल के निजी कालेज में प्रोफेसर हैं पिता

भोपाल, 19 जनवरी. अवधपुरी में रहने वाली बारहवीं कक्षा की एक छात्रा ने शनिवार को अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली. मृतका के पास कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. पुलिस ने छात्रा का आईफोन और लैपटाप जांच के लिए जब्त किया है. मृतका रातीबड़ स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी, जबकि उसके पिता राजधानी के एक निजी कालेज में प्रोफेसर हैं. घटना के समय माता-पिता अस्पताल गए थे, जबकि घर पर चचेरी मौसी मौजूद थी. शाम को नौकरानी चाय देने के लिए छात्रा के कमरे पर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ. फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पीएम कराने के बाद लाश परिजन को सौंप दी है. इकलौती बेटी की मौत के बाद से माता-पिता बदहवासी की हालत में हैं. थाना प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि आध्या परिहार पुत्री राजीव सिंह परिहार (17) अवधपुरी फेस-2 में रहती थी और रातीबड़ स्थित एक प्रतिष्ठित स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई कर रही थी. उसके पिता राजीव सिंह भोपाल के एक निजी कालेज में प्रोफेसर हैं, जबकि मां गृहणी हैं. आध्या की एक चचेरी मौसी को पेसमेकर लगाना है, जिसके कारण वह अस्पताल में भर्ती हैं. शनिवार को माता-पिता उन्हें देखने के लिए अस्पताल चले गए थे. घर पर आध्या और उसकी दूसरी चचेरी मौसी मौजूद थी. शाम करीब चार बजे मौसी ने आध्या से बोला कि चलो कहीं बाहर घूमकर आते हैं. इस पर आध्या ने बताया कि अभी उसकी ऑनलाइन क्लास है, उसे अटैंड करने के बाद चलेंगे. उसके बाद वह क्लास अटैंड करने के लिए अपने कमरे में चली गई, जबकि मौसी ग्राउंड फ्लोर पर बैठी रही. चाय लेकर पहुंची तो नहीं खुला दरवाजा शाम करीब छह बजे नौकरानी घर पहुंची और उसने चाय बनाई. मौसी ने बोला कि आध्या की चाय उसके कमरे पर पहुंचा दो. नौकरानी चाय लेकर पहुंची तो आध्या ने दरवाजा नहीं खोला. नौकरानी ने मौसी को बताया कि उन्हें लगा कि वह सो रही होगी, लेकिन जब उन्होंने आध्या की मां को फोन लगाया तो पता चला कि वह दोपहर के समय सोती नहीं है, इसलिए दोबारा दरवाजा खुलवाने का प्रयास करें. मौसी और नौकरानी के प्रयासों से जब दरवाजा नहीं खुला तो पड़ोसी सिद्धार्थ त्रिपाठी पहुंचे. उन्होंने खिड़की से अंदर झांका तो आध्या खिड़की की राड से फांसी का फंदा बनाकर लटकी नजर आई. सूचना मिलते ही पहुंची पुलिस फांसी की सूचना मिलते ही आध्या के माता-पिता अस्पताल के घर पहुंचे. इधर अवधपुरी पुलिस भी तत्काल पहुंच गई. किसी तरह दरवाजा खोला गया तो आध्या की मौत हो चुकी थी. पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पीएम के लिए भेजा और रविवार को पोस्टमार्टम के बाद लाश परिजन को सौंप दी. कमरे की तलाशी में किसी प्रकार का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है. आध्या के पास एप्पल कंपनी का लैपटाप और आईफोन था, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है. उसके दोनों मोबाइल नंबरों की सीडीआर निकलवाई जा रही है. बदहवास हुए माता-पिता टीआई सिंह ने बताया कि राजीव सिंह के घर शादी के करीब आठ-दस साल बाद आध्या का जन्म हुआ था. इकलौती बेटी होने के कारण वह पूरे परिवार की लाड़ली थी. दसवीं कक्षा तक उसने रातीबड़ के एक नामी स्कूल से पढ़ाई की थी. दो साल पहले उसे इसी इलाके के दूसरे प्रतिष्ठित स्कूल में दाखिल करवाया गया था. घटना के बाद परिजन बदहवासी की हालत में हैं, इसलिए उनके बयान नहीं लिए जा सके हैं. मोबाइल की काल डिटेल निकालने के बाद ही फांसी लगाने के कारणों का खुलासा होने की उम्मीद है.

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