दिसंबर में थोक मुद्रास्फीति बढ़कर 2.37 प्रतिशत पर

नयी दिल्ली, 14 जनवरी (वार्ता) भारत का थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में बढ़कर 2.37 प्रतिशत हो गई जबकि नवंबर में यह 1.89 प्रतिशत थी।

वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने मंंगलवार को जारी एक विज्ञप्ति में कहा , “दिसंबर, 2024 में मुद्रास्फीति में वृद्धि मुख्य रूप से खाद्य पदार्थों, खाद्य उत्पादों के निर्माण, अन्य विनिर्माण, कपड़ा और गैर-खाद्य वस्तुओं के निर्माण आदि की थोक कीमतों में वृद्धि के कारण रही।”

खाद्य वस्तुओं की मुद्रास्फीति मासिक आधार पर दिसंबर में हल्की नरम दिखी पर सालाना आधार पर खाद्य कीमतों की वृद्धि दर ऊंची बनी हुई है। खाद्य थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित मुद्रास्फीति दिसंबर 2024 में 8.89 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने यह 8.92 प्रतिशत थी।

थाेक मूल्यों के औसत उतार-चढ़ाव को दर्शाने वाली थोक मुद्रास्फीति के आंकड़ों का उपयोग मुख्य रूप से सकल घेरलू उत्पाद के (जीडीपी) के डिफ्लेटर (गणना में मुद्रास्फीति के असर को निकालने) के रूप में किया जाता है। इसमें केवल उत्पाद की मूल कीमतों को शामिल किया जाता है और इसमें कर, छूट/व्यापार छूट, परिवहन और अन्य शुल्क शामिल नहीं होते हैं।

सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 में खुदरा मुद्रास्फीति (सीपीआई) गिर कर चार महीने के निचले स्तर 5.22 प्रतिशत पर आ गई, जो इससे पिछले महीने 5.48 प्रतिशत थी। जिसका मुख्य कारण खाद्य कीमतों में कमी है।

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