भुवनेश्वर, 08 जनवरी (वार्ता) ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को कहा कि प्रवासी भारतीयों ने दुनिसा भर में लगातार लचीलेपन और उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाई है।
श्री माझी ने यहां जनता मैदान में ‘18वें प्रवासी भारतीय दिवस’ को संबोधित करते हुए गोपीचंद हिंदुजा और एल.एन. मित्तल जैसे बड़े कारोबारियों, इंदिरा नूयी, सुंदर पिचाई और सत्य नडेला जैसे मुख्य प्रबंधक अधिकारी (सीईओ), वेंकट रामकृष्णन जैसे वैज्ञानिकों तथा बिभु महापात्रा जैसे फैशन डिजाइनरों सहित अन्य हस्तियों का जिक्र किया, जिन्होंने भारत को बहुत गौरव दिलाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “आपने अपने गोद लिए गए देशों की संस्कृतियों को अपनाया है और साथ ही भारत के मूल्यों को भी अपनाया है, जैसे, परिवार, समुदाय और मानवता में निहित मूल्य!” उन्होंने कहा कि यह अवसर दुनिया भर में भारतीयों के अमूल्य योगदान का जश्न मनाता है और भाईचारे तथा सहयोग के नए अवसरों की खोज करता है।
श्री माझी ने कहा, “ओडिशा में इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम की मेजबानी करना हमारे लिए बहुत सम्मान और गर्व की बात है।”
मुख्यमंत्री ने 200 देशों में रहने वाले तीन करोड़ से अधिक भारतीयों के असाधारण योगदान को स्वीकार किया, उन्हें सांस्कृतिक राजदूत बताया जो अपने मेजबान देशों में भारत के सार को मूर्त रूप देते हैं। उन्होंने कहा, “जब आप विदेश में उत्कृष्टता प्राप्त करते हैं, तो हम यहां खुशी मनाते हैं।”
श्री माझी ने कहा कि इस वर्ष की थीम, “एक विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान,” है, जो अमृत काल के दौरान एक विकसित भारत के निर्माण में प्रवासी भारतीयों की भूमिका को मान्यता देती है और उसका जश्न मनाती है। उन्होंने कहा कि राज्य शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है, जिससे समावेशी विकास और सतत विकास सुनिश्चित हो रहा है।
श्री माझी ने कहा, “खेलों के महाशक्ति के रूप में हमारी पहचान उत्कृष्टता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।”
उन्होंने कहा, “हम ब्रांड ओडिशा को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में प्रवासी समुदाय की भूमिका को बहुत महत्व देते हैं।”
