अधूरे बने मार्ग के कारण वाहन चालक होते हैं परेशान


मामला संजय सेतु के पास बन रही सड़क का

इंदौर: शहर के विकास करने के लिए जितनी तेज़ी से कार्य की शुरूआत की जाती है उतनी ही जल्द कार्य गतिहीन हो जाता है जिससे जनता का पैसा तो बर्बाद होता ही है, लोग कई सालों तक उस योजना के लाभ से वंचित रहते है.मामला चार वर्ष से भी ज़्यादा का है. नगर निगम द्वारा संजय सेतू के पास ही रिवर साईड पर मार्ग निकालने की कवायद की गई. इसके लिए साउथ तोड़ा के पीछे सैकड़ों मकानों को तोड़ा गया. इस मार्ग को जीवन रेखा का नाम दिया गया.

करोड़ों के बजट को लेकर इस मार्ग की शुरूआत तो की गई जिसे एक वर्ष में बनकर पूरा हो जाना था लेकिन आज भी यहां मार्ग पूरा नहीं बन पाया. है, रीवर साईड पर फुटपाथ भी बन गए. रेलिंग और उस पर सुंदर लैंप भी लगाए गए. इस मार्ग पर एक भुजा तो बन गई लेकिन दूसरी भुजा आज तक अधूरी पड़ी है. न तो इस तरफ से आसानी से वाहन निकल पाते हैं और न ही पैदल यात्री निकल पाते हैं क्योंकि इस तरफ तो सड़क के अलावा फुटपाथ का एक हिस्सा भी नहीं बन पाया है. इस मार्ग की सुविधा के लिए आम लोगों द्वारा इसके उदधाटन के बिना ही इस पर यातायात शुरू कर दिया.

इनका कहना है...
इतना सुंदर प्रोजेक्ट आज भी अधूरा है. शहर के बीच इस अधूरे कार्य को देख कर अफसोस होता है. इसे जल्द ही पूरा करने की पहल करनी चाहिए जो आमजन की भी ज़रूरत है.
– संतोष सोनोने
हमेशा देखने में आता है कि विकास कार्य ज़ोरशोर से शुरू किया जाता है. लगता है कि उन्नति हो रही है लेकिन कार्य जल्द ही ठप हो जाता है. उसी तरह यहां भी हुआ.
– कल्लन शाह
इस मार्ग को पूरा नहीं होने के कारण आज भी नंदलालपुरा मार्ग पर जाम लगता है. आज भी लोग परेशान होते हैं, लगता था कि जीवन रेखा मार्ग से सुविधा मिलेगी मगर मिली नहीं.
– अजय कदम

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