आखिर किसके संरक्षण में हो रहा है कोयले का काला कारोबार

सीधी/बहरी 5 अक्टूबर।जिले आखिर किसके संरक्षण में कोयले का अवैध काला कारोबार जमकर किया जा रहा है । कोयला माफिया नियम विरूद्ध तस्करी करते हुए शासन के राजस्व को क्षति पहुंचा रहे है।

यहां बताते चलें कि जिले मे खनिज विभाग द्वारा करीब दर्जन भर कोयला भंडारण की अनुमति प्रदान की है जो कोयले के व्यापार में लिप्त है। लेकिन इनमें से कई व्यापारियों द्वारा भंडारण के नियमों का पालन नही किया जा रहा है और संबंधित विभाग नियमों को दरकिनार कर व्यापार करने वालों पर लगाम नही कस पा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में खनिज विभाग से अनुमति प्राप्त कर कोयले के भंडारण का व्यापार करने वाले सभी व्यापारियों को अपना मासिक पत्रक खनिज विभाग में जमा करना होता है लेकिन एक-दो व्यापारियों को छोड़ दिया जाय तो अन्य किसी के भी द्वारा मासिक पत्रक नही जमा किया जाता है। जबकि इन व्यापारियों द्वारा काफी लंबे समय से कोयले का व्यापार किया जा रहा है। मौजूदा समय में किस कोयला भंडारण में कितना कोयला भंडारित किया गया है इस संबंध में किसी के पास कोई जानकारी नही है। जिससे यह साबित हो रहा है कि खनिज विभाग की लापरवाही के चलते बहरी अंचल में यह काला कारोबार जमकर फल-फूल रहा है।

वहीं सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीधी इलाके से कोयला इन दिनों जिले के सीमावर्ती बहरी व उसके आसपास धड़ल्ले के साथ खपाया जा रहा है। देवसर मार्ग से होकर कोल वाहन बहरी-सीधी की ओर पहुंच रहे हैं। लेकिन कोयले की चोरी करने वाले वाहनो की जांच करने से पुलिस गुरेज कर रही है।

गौरतलब है कि ऊर्जाधानी से कोयला चोरी करने का कारोबार आज से नही लम्बे अर्से से चला आ रहा है। और कोयले से भरे ट्रक जप्त कर लिये गये थे। किन्तु सूत्र बताते हैं कि कोल माफिया फिर से सक्रिय हो गये हैं और फिर सिंगरौली जिले से लेकर देवसर के रास्ते होते हुये बहरी व उसके आसपास में परिवहन कर दिया जा रहा है। यह सब रात के समय खेल चलता है। हालांकि बीते दिवस कॉम्बिंग नाईट गस्त के चलते कोयला चोर दुबके हुये थे। दो या तीन दिन भी सक्रिय रहेेंगे। अब देखना है कि एसपी इन कोल कारोबारियों पर अंकुश कब तक में लगा पाते हैं।

भंडारकों द्वारा निर्धारित मापदंड के अनुसार संधारित रिकार्ड की हो जांच

बहरी अंचल में कोयला भंडारित कर व्यापार करने वाले व्यापारियों के पास कोयला कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है इसकी जानकारी नही संधारित की जा रही है। संधारित हो भी कैसे जब एक नंबर का कोयला आएगा तब तो सभी रिकार्ड मेंटेन रहेगें लेकिन यहां दो नंबर का कोयला पहुंच रहा है जिसके चलते इन व्यापारियों द्वारा किसी भी प्रकार का रिकार्ड संधारित नही किया जा रहा है।

क्षमता से अधिक भंडारण करने वालों पर कब होगी कार्यवाही !

सूत्रों की माने तो बहरी अंचल में संचालित कोयला भंडारकों के यहां अनुमति से ज्यादा कोयले का भंडारण किया जा रहा है। इस बात की पुष्टी विगत माह खनिज निरीक्षक के भ्रमण से हो चुकी है। खनिज अधिकारी द्वारा निखिल खंडेलवाल के भंडारण में निरीक्षण किया गया था यहां क्षमता से ज्यादा कोयले का भंडारण किया गया था बावजूद इसके कार्रवाई करने से परहेज क्यों किया जा रहा है।वहीं सूत्रों की माने तो अवैध कोयला का कारोबार में कहीं दिखे जो का हाथ है जिसके चलते जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने में परहेज कर रहे हैं। क्योंकि ऊपर से लेकर नीचे तक इन कोयला कारोबार की पहुंच पावर है जिसके चलते कोई भी हिम्मत नहीं जुटा पा रहा इन पर कार्यवाही करने के लिए देखना दिलचस्प होगा कि आखिर कब तक अवैध कोयले का कारोबार चलेगा।

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