बेलगावी 04 जनवरी (वार्ता) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने स्वास्थ्य देखभाल पहुंच और सामर्थ्य में सुधार के लिए केन्द्र सरकार के ठोस प्रयासों , विशेष रूप से आयुष्मान भारत जन आरोग्य योजना पर प्रकाश डाला है।
श्रीमती मुर्मु बेलगावी में एक अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रही थी।
श्रीमती मुर्मु ने लाखों भारतीयों, खास तौर पर कम आय वर्ग के लोगों के लिए कैंसर के इलाज की सुलभता बढ़ाने में इस योजना के परिवर्तनकारी प्रभाव पर जोर दिया।
उन्होंने शुक्रवार देर शाम को कहा, “आयुष्मान भारत के तहत हमने कैंसर के निदान और उपचार की शुरुआत के बीच के समय में उल्लेखनीय कमी देखी है जिससे समय पर हस्तक्षेप सुनिश्चित होता है जो बेहतर परिणामों के लिए महत्वपूर्ण है।’
उन्होंने कहा ‘योजना के कवरेज में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को शामिल करने से बुजुर्गों को कैंसर देखभाल सहित किफायती स्वास्थ्य सेवा तक पहुंचने में सहायता और मजबूत होगी।”
अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित नवनिर्मित कैंसर अस्पताल एक ही छत के नीचे व्यापक देखभाल प्रदान करने के लिए तैयार है। अस्पताल की उन्नत उपचार सुविधाएँ कैंसर के त्वरित और सटीक उपचार को सुनिश्चित करेंगी। इसके अलावा, इससे पीड़ित मरीजों के लिए आशा की किरण प्रदान करेंगी।
उन्होंने कहा, “स्वास्थ्य सेवा पेशेवरों को इलाज से ज़्यादा कुछ देना चाहिए, उन्हें उम्मीद और भरोसा देना चाहिए और रोगियों तथा उनके परिवारों का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभानी चाहिए।”
राष्ट्रपति ने कैंसर की वैश्विक चुनौती को भी दोहराया और 2022 में अनुमानित दो करोड़ नए कैंसर के मामलों और 97 लाख कैंसर से संबंधित मौतों की ओर इशारा किया। देश में 2025 तक कैंसर की घटनाओं में 13 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है जो विशेष कैंसर देखभाल सुविधाओं और सेवाओं के विस्तार की तत्काल आवश्यकता को रेखांकित करता है।
श्रीमती मुर्मु ने कैंसर की रोकथाम, समय पर पहचान और समय पर उपचार के बारे में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने इस बीमारी से लड़ने में समाज की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सेवा में लैंगिक असमानताओं को दूर करने के महत्व पर भी प्रकाश डाला और परिवारों से महिलाओं के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने तथा उनके लिए समय पर निदान एवं उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
