नयी दिल्ली, 19 अगस्त (वार्ता) चुनाव आयोग ने पिछले छह माह के दौरान चुनावी प्रणाली को ज्यादा मजबूत, पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए 28 महत्वपूर्ण पहल की हैं जिनमें प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल, मतदाता सूची की शुद्धता, मतदान में सुगमता और क्षमता निर्माण बढ़ाने जैसे कदम शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने मंगलवार को कहा कि आयोग हितधारकों से संवाद स्थापित कर, प्रशिक्षण देकर, चुनाव कर्मचारियों के पारिश्रमिक में बढ़ोतरी कर क्षमता निर्माण को बढ़ावा दे रहा है और चुनावी प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी तथा प्रभावी बनाया जा रहा है। इसके साथ ही सभी हितधारकों से संवाद किया जा रहा है और इस प्रक्रिया के तहत कुल 4,719 सर्वदलीय बैठकें आयोजित की गईं हैं जिनमें राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधि शामिल हुए।
आयोग ने चुनावी प्रणाली को मज़बूत तथा ज्यादा शुद्ध बनाने के मकसद से 334 निष्क्रिय पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सूची से हटाया है। चुनाव से जुड़े बूथ स्तर के कर्मचारी बीएलओ के लिए फोटो पहचान पत्र जारी कर प्रौद्योगिकी के बेहतर इस्तेमाल पर बल दिया गया है। मतदान केंद्रों पर 100 प्रतिशत वेबकास्टिंग, मतदाता उपस्थिति का रियल-टाइम अपडेट तथा वीवीपैट का अनिवार्य मिलान शामिल है।
चुनाव को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए मतदाता सूची की शुद्धता पर बल दिया गया है जिसके तहत बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण, उपचुनाव से पहले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण्, मृत्यु पंजीकरण डेटा आदि की प्रक्रिया को ज्यादा बेहतर बनाने के साथ ही मतदान केंद्र पर मोबाइल जमा सुविधा, प्रत्येक मतदान केंद्र पर 1200 मतदाताओं की सीमा तथा मतदान केंद्र के 100 मीटर के बाहर उम्मीदवार बूथ की अनुमति देना शामिल है।
