रायपुर 02 जुलाई (वार्ता) कांग्रेस छत्तीसगढ़ सहित देश भर में किसानों व जवानों की आवाज उठाने और केन्द्र की मोदी सरकार की ओर से संविधान तथा संवैधानिक संस्थानों की स्वायत्तता पर प्रहार किये जाने के विरोध में आगामी सात जुलाई को ‘किसान,जवान,संविधान’ सभा का आयोजन करेगी।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे व संगठन महामंत्री के सी वेणुगोपाल इस सभा को संबोधित करेंगे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बुधवार को यहां कहा कि सात जुलाई को कांग्रेस के उक्त सभा का आयोजन राजधानी के साईंस कालेज मैदान में किया गया है। इस सभा का उद्देश्य छत्तीसगढ़ सहित देश भर में किसानों, जवानों की आवाज उठाना साथ ही केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा जिस प्रकार से संविधान और संवैधानिक संस्थानों की स्वायत्तता पर प्रहार किया जा रहा है उसको जनता तक ले जाना है।
श्री बैज ने दावा किया कि इस सभा में 25000 से अधिक लोग प्रदेश भर से शामिल होंगे।
उन्होंने कहा कि खरीफ की फसल में दलहन, तिलहन की फसल लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन राशि देने का निर्णय किसानों से नया धोखा है। छत्तीसगढ़ के जलवायु के अनुसार धान की फसल लेना खरीफ में किसानों के लिये सबसे ज्यादा फायदे की खेती है। साय सरकार खरीफ के फसल के लिये बीज, खाद उपलब्ध नही करवा पा रही तो प्रोत्साहन योजना के तहत प्रलोभन दिया जा रहा है ताकि किसान धान की फसल नही ले और सरकार को 3100 में धान नही खरीदना पड़े।
उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में किसान बुवाई की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं लेकिन प्रदेश में खाद और बीज की समुचित व्यवस्था यह सरकार नहीं कर पाई है। प्रदेश के ज्यादातर सोसाइटी में किसानों को डीएपी की कमी से जूझना पड़ रहा है, ज्यादातर स्थानों पर बोनी और थरहा के लिए बीज भी किसानों को नहीं मिल पा रहा है, जिसके चलते किसान परेशान हैं। मुख्यमंत्री खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते है लेकिन यह मीडिया तक ही सीमित है, आज भी 90 प्रतिशत सोसायटी में डीएपी नहीं मिल रही।
श्री बैज ने कहा कि बेहद ही दुर्भाग्यजनक है कि सरकार की लापरवाही का खामियाजा चिकित्सा छात्रों की भुगतना पड़ रहा है। हास्टल की कमी के कारण चिकित्सा छात्र परेशान है। उनकी पढ़ाई बाधित हो रही है। कांग्रेस की सरकार ने हास्टल बनाने के लिये 24 करोड़ की राशि स्वीकृत किया था, उसका टेंडर भी किया था, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार बनने के बाद दो साल से काम रूका पड़ा है।
श्री बैज ने कहा कि सरकार की हठधार्मिता के कारण स्कूलो की पढाई चौपट हो गयी है। युक्तीयुक्तकरण के कारण सरकार ने बड़ी संख्या में शिक्षको का ट्रांसफर तो कर दिया है लेकिन प्रदेश के हजारो स्कूल ऐसे है जहां पर अभी तक शिक्षक नहीं पहुंच पाये। एक शिक्षक पांच कक्षाये ले रहे हैं। कुल 10463 स्कूल बंद होने के कारण अनेकों स्थान पर बच्चो को अपने घर से तीन से पांच किलोमीटर पैदल चल कर स्कूल जना पड़ रहा है।
