नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (वार्ता) गहनों-जेवरात के साथ कुछ खाद्य पदार्थों, परिवहन और शिक्षा क्षेत्र में महंगाई बढ़ने से इस साल मार्च में उपभोक्ता मूल्य आधारित मुद्रास्फीति की दर बढ़कर 3.40 प्रतिशत पर पहुंच गयी। इस साल फरवरी में खुदरा महंगाई 3.21 प्रतिशत और जनवरी में 2.74 प्रतिशत दर्ज की गयी थी। ये आंकड़े साल 2024 को आधार वर्ष मानकर पिछले महीने जारी नयी सीरीज पर आधारित हैं।
केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी आंकड़ों में कहा गया है कि मार्च में खाद्य महंगाई दर भी फरवरी के 3.47 प्रतिशत से बढ़कर 3.87 प्रतिशत हो गयी। खास बात यह रही कि लगातार दूसरे महीने शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में महंगाई दर अधिक रही है। मार्च में ग्रामीण क्षेत्रों में मुद्रास्फीति 3.63 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 3.11 प्रतिशत दर्ज की गयी। फरवरी में ये आंकड़े क्रमशः 3.37 फीसदी और 3.02 फीसदी रहे थे।
मार्च में जिन पांच वस्तुओं के दाम सालाना आधार पर सबसे अधिक बढ़े उनमें चांदी के गहने (149 प्रतिशत), सोने. चांदी और प्लेटिनम के गहने (46 प्रतिशत), नारियल की गरी (46 प्रतिशत), टमाटर (36 प्रतिशत) और फूल गोभी (34 प्रतिशत) शामिल हैं। जिन पांच वस्तुओं के दाम सबसे अधिक गिरे वे हैं – प्याज (28 प्रतिशत), आलू (19 प्रतिशत), लहसुन (10 प्रतिशत), तुअर दाल (10 प्रतिशत) और मटर (आठ प्रतिशत)। सोने-चांदी के दाम में भारी बढ़ोतरी के कारण निजी प्रसाधन, सामाजिक सुरक्षा और अन्य वस्तु एवं सेवा वर्ग में मुद्रास्फीति 18.65 फीसदी दर्ज की गयी। माल परिवहन 7.55 प्रतिशत, पान एवं तंबाकू उत्पाद 5.22 प्रतिशत और माध्यमिक शिक्षा 4.07 प्रतिशत महंगी हुई।

