नयी दिल्ली, 13 अप्रैल (वार्ता) भारतीय इकाइयाें ने पेटेंट अधिकार के लिए 2025-26 में 1,43,729 आवेदन प्रस्तुत किया जो एक साल पहले के मुकाबले 30.2 प्रतिशत अधिक है। पेटेंट , डिजाइन और ट्रेडमार्क महानियंत्रक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार इनमें से 69 प्रतिशत आवेदन भारत के पेटेंट कार्यालय में दाखिल किये गये। पिछले साल दाखिल पेटेंट आवेदनों की संख्या 1,10,375 थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने इन आंकड़ों पर अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में कहा , ‘भारत की नवाचार की गाड़ी अब रुकने वाली नहीं! वित्त वर्ष 2025-26 में हमारे पेटेंट फाइलिंग की संख्या बढ़कर ऐतिहासिक 1.43 लाख हो गई, जो पिछले साल के मुकाबले 30.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी है।’
श्री गोयल ने कहा , ‘देश के भीतर पेटेंट के लिए फाइल किये गये आदेवनोंं के मामले में तमिलनाडु, कर्नाटक और महाराष्ट्र के नवप्रवर्तक सबसे आगे हैं—और इसके ज़रिए हम दुनिया को यह दिखा रहे हैं कि ” मेड इन इंडिया” की ताकत ” इन्वेस्ट इन इंडिया” यानी भारत में निवेश में छिपी है।” वाणिज्य मंत्री ने कहा, “हम पेंटेट आवेदन करने वालों की संख्या के हिसाब से दुनिया के छठे सबसे बड़े पेटेंट आवेदक हैं। यह एक ऐसे आत्मविश्वास से भरे भारत को दर्शाता है जो जल्द ही इनोवेशन के क्षेत्र में एक वैश्विक महाशक्ति बनने जा रहा है।” चीन, अमेरिका, जापान, दक्षिण कोरिया और जर्मनी, पेटेंट फाइल फाइल करने वाले क्रमश: पांच शीर्ष देश हैं। चीन ने 2024 में 18 लाख पेटेंट आवेदन किये थे और दूसरे नंबर पर अमेरिका (लगभग पांच लाख) से काफी आगे था।

