नई दिल्ली, 31 अक्टूबर 2025 : राष्ट्रीय एकता दिवस, यानी सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि अगर देश के पहले गृह मंत्री आज जीवित होते, तो वह यह देखकर हैरान हो जाते कि उनका किस तरह से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की ओर इशारा करते हुए कहा कि 2014 से एक समूह (जी2) इतिहास को बेधड़क विकृत और गलत तरीके से पेश कर रहा है।
जयराम रमेश ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए नेहरू और पटेल के मजबूत रिश्तों को याद दिलाया। उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा कि 13 फरवरी 1949 को जवाहरलाल नेहरू ने ही गोधरा में सरदार पटेल की मूर्ति का अनावरण किया था। उन्होंने कहा कि नेहरू के उस भाषण को दोबारा पढ़ा जाना चाहिए, ताकि दोनों नेताओं की तीन दशकों से अधिक की मजबूत और गहरी साझेदारी को समझा जा सके। रमेश ने यह भी बताया कि 19 सितंबर 1963 को नेहरू ने पटेल की मूर्ति के लिए ‘भारत की एकता के शिल्पकार’ जैसा शक्तिशाली शब्द चुना था।
रमेश ने कहा कि जिस विचारधारा (RSS) ने स्वतंत्रता संग्राम या संविधान निर्माण में कोई भूमिका नहीं निभाई, वह आज पटेल के नाम का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सरदार पटेल के शब्दों को याद दिलाते हुए कहा कि इसी विचारधारा ने ऐसा माहौल बनाया जिसने 30 जनवरी 1948 (महात्मा गांधी की हत्या) की खौफनाक त्रासदी को संभव बना दिया। कांग्रेस नेता ने कहा कि पटेल को राष्ट्र के एकीकरण के प्रति उनकी अडिग प्रतिबद्धता के लिए ‘भारत का लौहपुरुष’ कहा जाता है, और उनके योगदान को व्यापक रूप से याद रखना चाहिए।

