वेनेजुएला का घटनाक्रम केवल किसी एक देश की आंतरिक राजनीतिक उठापटक नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति के उस नंगे यथार्थ को उजागर करता है, जहां संसाधन,विशेषकर तेल,अक्सर लोकतंत्र, संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून से कहीं अधिक निर्णायक साबित होते हैं. वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने […]
संपादकीय
संपादकीय
बांग्लादेश से हाल ही में सामने आई दर्दनाक घटनाएं केवल किसी एक समुदाय के खिलाफ हिंसा भर नहीं हैं, बल्कि यह उस मानवीय विवेक पर हमला है, जो किसी भी लोकतांत्रिक समाज की बुनियाद होता है. एक हिंदू व्यापारी पर पेट्रोल छिडक़कर उन्हें जिंदा जलाने की कोशिश ने न केवल […]
नववर्ष के द्वार पर खड़ा 2026 भारत के लिए केवल कैलेंडर का परिवर्तन नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, संभावनाओं और नवप्रस्थान का संकेतक प्रतीत होता है. पिछले वर्षों की चुनौतियों और उपलब्धियों के बीच आगे बढ़ते हुए भारत आज जिस मुकाम पर खड़ा है, वहां उसकी आर्थिक ऊर्जा, तकनीकी प्रगति और वैश्विक […]
इंदौर, जिसे हम बार-बार ‘देश का सबसे स्वच्छ शहर’ कहकर गर्व महसूस करते हैं,आज उसी शहर के भागीरथपुरा क्षेत्र से जो करुण चीखें उठी हैं, वे केवल एक स्थानीय त्रासदी की नहीं, बल्कि शासन-प्रशासन की क्रूर संवेदनहीनता की गवाही देती हैं. दूषित पानी पीने से 12 लोगों की मौत और […]
न्यायपालिका पर भरोसा तभी मजबूत होता है, जब उसके फैसलों में केवल कानून का शुष्क अनुपालन नहीं, बल्कि न्याय का जीवंत भाव भी प्रतिबिंबित हो. सुप्रीम कोर्ट के हाल के दो निर्णय इसी संवेदनशील न्याय बोध का परिचायक हैं .एक, अरावली पर्वत श्रृंखला की परिभाषा से जुड़े अपने ही पूर्व […]
भारतीय राजनीति में संगठन की भूमिका केवल चुनावी ढांचे तक सीमित नहीं होती, बल्कि वही किसी भी दल की वैचारिक जीवटता, नेतृत्व की निरंतरता और कार्यकर्ताओं की राजनीतिक ऊर्जा को दिशा देता है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने हाल ही में एक पुरानी तस्वीर साझा […]
नीति आयोग द्वारा जारी उच्च शिक्षा पर ताज़ा रोड मैप केवल एक नीतिगत दस्तावेज नहीं, बल्कि भारत की वैश्विक शैक्षणिक पहचान को पुनर्गठित करने वाला दूरदर्शी प्रस्ताव है. लंबे समय से भारत उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आउट बाउंड नेशन की तरह देखा जाता रहा है,जहां लाखों छात्र बेहतर अवसरों […]
मध्य प्रदेश में ‘ई-जीरो एफआईआर’ व्यवस्था की शुरुआत केवल एक तकनीकी सुधार नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था की उस सोच में बदलाव का संकेत है जिसमें पीडि़त को केंद्र में रखकर नीतियां बनाई जा रही हैं. ग्वालियर में आयोजित ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह […]
मध्य प्रदेश की विकास-यात्रा इन दिनों एक निर्णायक मोड़ से गुजर रही है. ग्वालियर की धरती से शुरू हुई ‘अभ्युदय मध्य प्रदेश ग्रोथ समिट’ केवल एक आर्थिक आयोजन भर नहीं, बल्कि सुशासन और परिणाम केंद्रित प्रशासनिक सोच का प्रतीक बनकर उभरी है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर […]
अरावली पर्वत श्रृंखला केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि उत्तर भारत की पारिस्थितिकी का आधार स्तंभ है. यह श्रृंखला थार के रेगिस्तान को हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की ओर बढऩे से रोकती है, भूजल भंडारण को पोषित करती है और प्रदूषण नियंत्रण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. […]