इंदौैर:शुक्रवार को धनतेरस के पावन अवसर पर कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में अपनी पुश्तैनी किराना दुकान ‘काकी जी की दुकान’ पर सामान की बिक्री करते हुए सभी स्वजनों से आत्मीय भेंट की एवं उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की. उन्होंने कहा कि कुछ परंपराएं समय के साथ पुरानी नहीं होतीं, उनका महत्व हर साल और बढ़ता जाता है.
हर वर्ष धनतेरस पर अपनी दुकान पर पहुंचना और अपनों के बीच समय बिताना मेरे लिए ऐसी ही आत्मीय परंपरा है. दुकान की देहरी पर कदम रखते ही स्मृतियों के अनगिनत द्वार खुल जाते हैं. यहां हर कोने में परिवार की विरासत और पीढ़ियों का अपनापन समाया हुआ है. यह दुकान मेरे लिए अपनी जड़ों से जुड़े रहने का भावनात्मक सेतु है.
