इंदौर. दीपोत्सव की शुरूआत धनवर्षा के साथ हुई. धनतेरस पर शहर के बाजार ग्राहकों से गुलजार रहे. ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री से लेकर किराना बाजार, सराफा बाजार से लेकर बर्तन और रेडीमेड कपड़ा बाजार तक हर तरफ खरीदारी का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला. महंगाई के बावजूद लोगों ने खरीदारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। खास बात यह रही कि इस बार इंदौर के व्यापारिक कारोबार में पिछले साल की तुलना में लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई. वाहनों की बुकिंग, सोने-चांदी के आभूषण, किराना सामग्री, ड्राई फ्रूट्स और पारंपरिक धातुओं के बर्तनों की खूब बिक्री हुई.
इस बार बाजार में खरीदारी का ट्रेंड भी बदला हुआ नजर आया. जहां ऑटोमोबाइल सेक्टर में लोगों ने फाइनेंस की सुविधा के साथ नए वाहनों की बुकिंग कराई, वहीं सोने-चांदी की कीमतों में नरमी के चलते सराफा बाजार में ग्राहकों की भीड़ उमड़ी. किराना बाजार में महंगे होने के बावजूद ड्राई फ्रूट्स और अन्य जरूरी सामान की खूब खरीदारी हुई. वहीं, बर्तन बाजार में स्टील की जगह पीतल और तांबे के बर्तनों तथा मूर्तियों की मांग ने कारोबारियों को खासा उत्साहित किया. कुल मिलाकर इस दीपावली इंदौर के बाजारों ने साबित कर दिया कि त्योहारों की खरीदारी के मामले में शहर का उत्साह बरकरार है। महंगाई के बावजूद ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की और व्यापारियों के चेहरों पर मुस्कान लौटाई.
किराना बाजार में भी करोड़ों का कारोबार
सियागंज होलसेल किराना मर्चेंट एसोसिएशन के महामंत्री प्रीत पाल टोंगिया ने बताया कि धनतेरस तक पिछले एक महीने के दौरान सियागंज किराना बाजार में लगभग 100 से 200 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. इस दौरान जीरा, हल्दी, धनिया और ड्राई फ्रूट्स में अच्छी तेजी रही. लगभग सभी प्रमुख किराना वस्तुओं में ग्राहकों की मांग बनी रही. महंगे होने के बावजूद ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी में कमी नहीं आई. बाजार में अच्छी ग्राहकी के चलते व्यापारियों को बेहतर कारोबार और मुनाफा मिला.
सराफा बाजार में 200 करोड़ का व्यापार
सराफा बाजार एसोसिएशन के अजय लाहोटी ने बताया कि पुष्य नक्षत्र से लेकर धनतेरस तक सराफा बाजार में लगभग 100 से 200 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. इंदौर का सराफा बाजार करीब 200 वर्ष पुराना है और यहां लगभग 2 हजार से अधिक पारंपरिक दुकानें हैं. यह बाजार केवल आभूषणों की खरीदारी का केंद्र नहीं, बल्कि विश्वास और परंपरा की पहचान भी है. पुराने और पारंपरिक ग्राहक आज भी पीढ़ियों से चले आ रहे अपने भरोसेमंद सराफा व्यापारियों के पास ही खरीदारी करना पसंद करते हैं. परिवारों के साथ ग्राहक यहां आभूषण खरीदने के साथ बाजार की रौनक का आनंद लेने भी पहुंचते हैं.
पीतल-तांबे की ओर बढ़ा रुझान
इंदौर बर्तन बाजार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सुरेंद्र मेहता ने बताया कि इस बार ग्राहकों का रुझान पारंपरिक धातुओं की ओर बढ़ा है. लोग स्टील के बर्तनों की बजाय पीतल और तांबे के बर्तन तथा मूर्तियां खरीदना अधिक पसंद कर रहे हैं. स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण भी लोग खाना पकाने और उपयोग में आने वाले बर्तनों में पीतल और तांबे को प्राथमिकता दे रहे हैं. इसके अलावा इन धातुओं के बर्तनों की पारंपरिक और आकर्षक पहचान भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही है. उन्होंने बताया कि अकेले बर्तन बाजार में लगभग 7 से 10 करोड़ रुपये का कारोबार होने का अनुमान है. शहर के अन्य क्षेत्रों में भी बर्तनों की दुकानें होने के कारण पूरे इंदौर के कारोबार का सटीक आंकड़ा इससे अधिक हो सकता है.
रेडीमेड कपड़ा बाजार में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी
रेडीमेड कपड़ा थोक बाजार के व्यापारी अरुण बाकलीवाल ने बताया कि इस बार रेडीमेड कपड़ा बाजार में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 15 प्रतिशत अधिक कारोबार हुआ है. बाजार में अच्छी ग्राहकी रही और व्यापारियों में खासा उत्साह देखने को मिला. दीपावली पर बाजार में तीन दिनों तक गादी परंपरा निभाई जाती है. व्यापारी अपनी दुकानों पर नई गादी लगाकर पूजा-अर्चना करते हैं और नए व्यापारिक वर्ष की शुरुआत करते हैं. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है और व्यापारियों के लिए इसका विशेष महत्व है.
ऑटोमोबाइल बाजार में भी रही रौनक
ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी दीपावली पर खरीदारी का उत्साह देखने को मिला. ग्राहकों ने दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग कराई. फाइनेंस की सुविधा ने भी वाहन खरीदने वालों को आकर्षित किया. त्योहार के शुभ मुहूर्त पर नए वाहन घर लाने की परंपरा के चलते ऑटोमोबाइल बाजार में अच्छी ग्राहकी रही
