नई दिल्ली, भारतीय उद्योग जगत के लिए एक ऐतिहासिक और बड़े कदम के तहत टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने रोम स्थित पलाज्जो चिगी में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान टाटा मोटर्स द्वारा इतालवी वाणिज्यिक वाहन निर्माता कंपनी ‘इवेको ग्रुप’ के बड़े अधिग्रहण और दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक, औद्योगिक व आर्थिक संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। टाटा मोटर्स ने हाल ही में 3.43 अरब यूरो (लगभग भारतीय रुपये के अनुसार भारी-भरकम राशि) का भुगतान कर इवेको में 89.42 प्रतिशत की नियंत्रक हिस्सेदारी का सफलतापूर्वक अधिग्रहण किया है, जिससे यह कंपनी अब टाटा मोटर्स की अप्रत्यक्ष अनुषंगी (सब्सिडियरी) बन गई है।
टोरीनो मुख्यालय में वैश्विक संवाददाता सम्मेलन को किया संबोधित, इतालवी सरकार और प्रधानमंत्री मेलोनी के सहयोग के प्रति जताया आभार
इससे पहले चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इटली के टोरीनो स्थित इवेको मुख्यालय में एक वैश्विक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान पूरा प्रोत्साहन और समर्थन देने के लिए इतालवी सरकार और प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इवेको समूह की जड़ें इटली में बेहद मजबूत हैं और यह यूरोप से लेकर लातिन अमेरिका तक एक प्रतिष्ठित ब्रांड व विश्वस्तरीय तकनीक के साथ काम कर रहा है। इस दौरान उन्होंने 1990 के दशक के अंत में अपनी पहली स्वदेशी यात्री कार के डिजाइन के लिए टोरीनो के साथ जुड़े पुराने और ऐतिहासिक संबंधों को भी याद किया।
130 से अधिक देशों में होगी संयुक्त रूप से मौजूदगी, 21 अरब यूरो के वार्षिक राजस्व के साथ वैश्विक बाजार में खड़ा होगा बड़ा उद्यम
इस बड़े अधिग्रहण के बाद टाटा मोटर्स और इवेको मिलकर एक विशाल वैश्विक वाणिज्यिक वाहन कंपनी के रूप में उभर रहे हैं। दोनों कंपनियों के संयुक्त बयान के अनुसार, इनके पूरक उत्पाद पोर्टफोलियो और वैश्विक पहुंच के चलते यूरोप, भारत, दक्षिण अमेरिका, एशिया और अफ्रीका सहित दुनिया के 130 से अधिक देशों में इनकी मजबूत उपस्थिति होगी, जिससे इनका संयुक्त राजस्व लगभग 21 अरब यूरो (करीब 2,28,000 करोड़ रुपये) तक पहुंच जाएगा। आने वाले पांच वर्षों में दोनों कंपनियां बिक्री की मात्रा, राजस्व और मार्जिन में उल्लेखनीय वृद्धि करने के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रही हैं।

